शाहजहांपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने दहेज हत्या के एक मुकदमे को हत्या का मामला मानते हुए दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उनके ऊपर 85-85 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पुवायां थाना क्षेत्र के डॉ. संतोष कुमार ने सीओ पुवायां को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी बहन कुसुमा देवी का विवाह ग्राम नवलपुर निवासी देव सिंह के साथ हुआ था। बरात में दिए दहेज से बहन के पति देव सिंह, ससुर रामआसरे, जेठ सर्वेश, देवर रूम सिंह खुश नहीं थे। दहेज में बाइक की मांग करने लगे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विदा करने से मना कर दिया, साथ ही प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 27 मई 2001 को अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर बताया कि तुम्हारी बहन को इन लोगों ने जला दिया। 28 मई को वह सुबह पहुंचने पर पता चला कि रात में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने देव सिंह, रामआसरे, सर्वेश, रूम सिंह व सास राजकुमारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। अदालत में मुकदमा चलने पर गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने पति देव सिंह, देवर रूम सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसी मुकदमे में आरोपी रामआसरे, सर्वेश, राजकुमारी की दौरान-ए-मुकदमा मौत हो गई।