शाहजहांपुर। मोहल्ला सरायकाइयां में श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास सत्यप्रकाश मिश्रा ने कथा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण से मन को शांति मिलती है और जीवन धन्य होता है। सत्यप्रकाश मिश्रा ने धुंधकारी और गोकर्ण के प्रसंग से समझाया कि माता-पिता का सम्मान न करने वाला धुंधकारी है, जबकि उनकी सेवा करने वाला गोकर्ण है। उन्होंने कहा कि जहां भगवान की कथा होती है, वहां भक्ति, ज्ञान और वैराग्य स्वतः उपस्थित हो जाते हैं। कथा के उपरांत आरती का आयोजन किया गया। इसमें यजमान दिनेश चंद्र शुक्ला, सहयोगी उमेश चंद्र शुक्ला और गौरव शुक्ला उपस्थित रहे। आचार्य अंकुर शुक्ला, प्रभात मिश्रा और ध्रुव मिश्र ने भी भाग लिया। संवाद