निर्वाचन ड्यूटी में लगाए गए विभिन्न विभागों के सरकारी वाहनों को उनकी भौतिक स्थिति के आधार पर डीजल आपूर्ति की पर्चियां जारी नहीं किए जाने से वाहन चालकों का गुस्सा भड़क उठा। वाहन चालकों ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों के बूथ निरीक्षण के लिए पर्याप्त डीजल नहीं मिलने पर सैनिक कल्याण कार्यालय परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। हालांकि, बाद में मौके पर पहुंचे वाहन व्यवस्था प्रभारी/सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे ने वाहन चालकों को उनकी मांग के अनुसार डीजल की पर्चियां उपलब्ध कराकर उनका गुस्सा शांत किया। विधानसभा निर्वाचन के लिए डीएम ने सभी छह विधानसभा क्षेत्रों के लिए तमाम जिला स्तरीय अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट नामित कर उन्हें बूथों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। सेक्टर मजिस्ट्रेट को दौरा कराने के लिए राजकीय वाहनों को डीजल की जरूरत पड़ी तो वे सैनिक कल्याण कार्यालय में बनाए गए विशेष काउंटर पर डीजल आपूर्ति की पर्चियां लेने गए। वहां मौजूद कर्मचारियों ने वाहनों का एवरेज 12 किमी प्रति लीटर मानते हुए पर्चियां जारी कीं तो वाहन चालकों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। वाहन चालकों का कहना था कि अधिकांश वाहन पुराने होने के कारण प्रति लीटर सिर्फ आठ किमी का एवरेज दे रहे हैं, इसलिए डीजल पर्चियां भी उसी के अनुरूप बढ़ी मात्रा के अनुरूप जारी की जाएं। इसे लेकर हंगामेबाजी की भनक लगते ही सिटी मजिस्ट्रेट वहां जा पहुंचे। उन्होंने बीच का रास्ता निकालते हुए सभी वाहनों का औसत एवरेज दस किमी प्रति लीटर मानते हुए चालकों को पर्चियां जारी कराईं।