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Shahjahanpur: खुटार में तेंदुए ने नीलगाय को मार डाला, वनकर्मी ने इंसानियत, ट्रैक्टर से बांधकर घसीटा

Sat, 02 Mar 2024 04:43 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

खुटार में बृहस्पतिवार रात गांव महुआ पिमई निवासी ओमप्रकाश के खेत में तेंदुए ने एक नीलगाय को मार डाला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वनकर्मी मरे हुए नीलगाय को ट्रैक्टर से बांधकर घसीटते हुए ले गया। 
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ट्रैक्टर से बांधकर घसीटते हुए नीलगाय को ले गया वनकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर के खुटाल में जंगल से बाहर निकलकर एक सप्ताह से खेतों में घूम रहे तेंदुए ने बृहस्पतिवार रात नीलगाय को मार डाला। शुक्रवार सुबह किसान खेतों की ओर गए तो उन्हें नीलगाय का अधखाया शव पड़ा मिला।  

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गांव सीतापुर सहारू के पास 22 फरवरी को खेत में गन्ने की छिलाई कर रहे गांव नरौठा देवीदास निवासी दीपक कुमार पर तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। तेंदुआ इसके बाद से ही आसपास के कई गांवों के किनारे खेतों में घूम रहा है। तेंदुआ दो छुट्टा पशुओं के पर भी हमला कर एक को मार चुका है और एक घायल हुआ था। इसके बाद भी वन अधिकारियों ने तेंदुए को जंगल में खदेड़ने या पकड़ने के प्रयास नहीं किए हैं।  

बृहस्पतिवार रात गांव महुआ पिमई निवासी ओमप्रकाश के खेत में तेंदुए ने एक नीलगाय को मार डाला। शुक्रवार सुबह गांव के सुमित, छत्रपाल, परविंदर, लालाराम, कपिल आदि ग्रामीण खेतों की ओर गए तो नीलगाय का अधखाया शव पड़ा देखा। ग्रामीणों की सूचना पर वन दरोगा डोरीलाल यादव वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और पग चिन्ह ट्रेस किए। रेंजर सहित किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी। 
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तेंदुआ की मौजूदगी से महुआ पिमई, सीतापुर, सहारू, प्रीतमपुर, कढ़ैया, नरौठा देवीदास, नरौठा हंसराम, लुकटहा आदि गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। रेंजर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गांव महुआ पिमई में तेंदुए ने नीलगाय को मार डाला है। टीम को भेजा गया था। नीलगाय के शव को ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला होगा, इस कारण ट्रैक्टर से थोड़ी दूर तक ले गए होंगे।

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ट्रैक्टर से घसीटकर ले गए नीलगाय का शव
बृहस्पतिवार रात महुआ पिमई में नीलगाय के मारे जाने की जानकारी पाकर वनकर्मी मौके पर पहुंचे और ओमप्रकाश के खेत में पड़े नीलगाय के शव को रस्सी से ट्रैक्टर में पीछे बांधकर एक किलोमीटर दूर तक घसीटते हुए ले गए। इसके बाद शव को दफन करा दिया। नीलगाय का शव घसीटे जाने पर लोगों ने वनकर्मियों से नाराजगी भी जताई। लोगों का कहना था कि वनकर्मियों को जेसीबी या ट्राली से नीलगाय के शव को ले जाकर दफन कराना चाहिए था। 

डीएफओ शाहजहांपुर प्रखर गुप्ता ने कहा कि नीलगाय के शिकार के बारे में जानकारी मिली थी। नीलगाय के शव को ट्रैक्टर से घसीटकर ले जाने का काम अगर वनकर्मियों की ओर से किया गया है तो जांच कराई जाएगी। 
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