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उत्पीड़न का आरोप लगाकर धरने पर बैठे लेखपाल

सार

शुक्रवार को लेखपालों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए हड़ताल कर दी।लेखपालों के हड़ताल पर जाने से कामकाज प्रभावित हुआ, हालांकि शाम सात बजे एसडीएम से वार्ता के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।बाद में एसडीएम ने मौके पर जाकर लेखपालों को मना लिया।
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विस्तार
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तिलहर। शुक्रवार को लेखपालों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए हड़ताल कर दी। वह तहसील में धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। लेखपालों के हड़ताल पर जाने से कामकाज प्रभावित हुआ, हालांकि शाम सात बजे एसडीएम से वार्ता के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष विवेक कुमार चतुर्वेदी और मंत्री अरविंद कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह लेखपालों ने एसडीएम की बैठक का बहिष्कार कर दिया। धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। विवेक कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान समय में राजस्व लेखपाल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का सत्यापन, ऑनलाइन खसरा फीडिंग, खतौनी अंश निर्धारण, आईजीआरएस व अन्य कार्य प्रमुखता से कर रहे हैं। फिर भी लेखपालों का उत्पीड़न किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद दशहरा में वेतन नहीं दिया गया। राष्ट्रीय अवकाश दो अक्तूबर और दशहरा में भी सुबह 10 से रात 12 बजे तक जबरदस्ती कार्य कराया गया।
उन्होंने कहा कि ड्यूटी के बाद घर जाते समय लेखपाल आशीष कुमार यादव, कमलेश मिश्रा और कुलदीप सिंह दुर्घटना में घायल हो गए हैं। मंत्री अरविंद कुमार ने बताया कि लेखपालों को रात में घर से उठवाने की धमकी दी जा रही है। लेखपाल सचिन कुमार, गौरव कुमार, ओम प्रकाश, कुमार गौरव, हिमांशु रंजन, रंजना सक्सेना कार्यालय से संबद्ध हैं। उन्हें वहां से हटाया जाए। बारिश होने के कारण मंदिर परिसर में धरने पर बैठे लेखपालों से वार्ता करने तहसीलदार ज्ञानेंद्र नाथ पहुंचे लेकिन लेखपालों ने कहा कि एसडीएम धरनास्थल पर आकर वार्ता करें। बाद में एसडीएम ने मौके पर जाकर लेखपालों को मना लिया।
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