जलालाबाद। बार संघ के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार दो अक्टूबर से अधिवक्ताओं का आमरण अनशन शुरू होगा। अनशन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी।
रविवार को बार संघ के सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान आगामी आंदोलन की जानकारी दी गई। कहा कि वर्ष 2016 में नवसृजित तहसील कलान में जलालाबाद के 212 गांव काटकर जोड़ दिए गए थे। उस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही सदर तहसील में लगने वाले मदनापुर के 105 गांव जलालाबाद में शामिल कर इसकी भरपाई कर दी जाएगी, लेकिन उन लोगों के साथ वादाखिलाफी की गई। इसके अलावा 2012 में यहां मुंसिफ कोर्ट की स्थापना के बाद कलान तथा परौर थानों के वादों की सुनवाई शुरू कर दी गई। शेष थानों को इस कोर्ट से अब तक नहीं जोड़ा गया, जबकि वह लोग इन दोनों समस्याओं को लेकर अधिकारियों से मिलते रहे।
कोई नतीजा न निकलने पर बार संघ को आंदोलन का सहारा लेना पड़ा। बताया कि 1997 में अमृतपुर में बनी नई तहसील में कलान व मिर्जापुर ब्लॉकों को यहां से काटकर वहां जोड़ दिया गया था। अधिवक्ताओं ने लंबी लड़ाई लड़कर उन्हें वापस तहसील में जुड़वा लिया था। बोले कि जब तक मांगें नहीं मान लीं जातीं आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर बार संघ महासचिव संदीप मिश्रा, कोषाध्यक्ष सौरभ गुप्ता, अवधेश श्रीवास्तव, प्रशांत सक्सेना मौजूद रहे।
वकीलों का क्रमिक अनशन जारी
जलालाबाद। बार संघ के आह्वान पर वकीलों का क्रमिक अनशन रविवार को भी जारी रहा। सातवें दिन 16 अधिवक्ता अनशन पर बैठे। इनमें रामेंद्र श्रीवास्तव, ब्रह्मकुमार दीक्षित, योगेश पाठक, अनुपम सिंह, सुबोध कुमार, शिशुपाल सिंह, संजय सिंह, मोरपाल सिंह, आदित्य शुक्ला, करुणाशंकर वाजपेयी, प्रदीप द्विवेदी, अवनीश मिश्रा, पवन सिंह तोमर, कौशल किशोर पाठक, रोहित सक्सेना, सत्तार खां शामिल रहे। संवाद