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Shahjahanpur News: तीन दिन में दो बार पिटाई से आहत होकर जहर खाने वाले लखविंदर की मौत

Fri, 27 Sep 2024 07:08 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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पुवायां। तीन दिन में दो बार पिटाई और पुलिस के कार्रवाई न करने से आहत होकर जहर खाने वाले गांव मरौरी जप्ती के लखविंदर की बुधवार रात मौत हो गई। घटना के एक माह से अधिक समय के बाद भी उनका इलाज चल रहा था। खास बात यह है कि एक माह बाद भी पुलिस कह रही है कि अभी साक्ष्य संकलन की कार्रवाई चल रही है।
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गांव मरौरी जप्ती निवासी लखविंदर सिंह और उसके पिता रामनिवास की पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही कुछ लोगों ने 21 अगस्त को पिटाई कर दी थी। तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। 23 अगस्त को लखविंदर सिंह को एक जनप्रतिनिधि ने गांव के लोगों के सामने पीट दिया था। तीन दिन में दो बार पीटे जाने और पुलिस के कार्रवाई न करने से आहत लखविंदर ने 23 अगस्त की शाम जहर खा लिया था। लखविंदर शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में कई दिन तक वेंटिलेटर पर रहे थे। पिता ने कई लोगों से कर्ज लेकर लखविंदर का इलाज कराया था। हालत में सुधार होने पर डॉक्टर ने लखविंदर को घर भेज दिया था, लेकिन उनका अब भी इलाज चल रहा था।
बुधवार रात लखविंदर ने दम तोड़ दिया। रामनिवास ने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधर लखविंदर की मौत की जानकारी पाकर आरोपी घरों से चले गए हैं। इंस्पेक्टर क्राइम राकेश सिंह ने बताया कि मामले में रिपोर्ट पहले से ही दर्ज है। साक्ष्य संकलन की कार्रवाई चल रही है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वीडियो में लगाया था जनप्रतिनिधि पर पीटने का आरोप
पुत्र की पिटाई के मामले में पिता रामनिवास ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 अगस्त की शाम सात बजे गांव के ही चंद्रभाल, योगेश, अभिषेक, अमर सिंह, अवधेश ने पुरानी रंजिश में गालीगलौज कर उनको व पुत्र लखविंदर को पीटकर घायल कर दिया था। धमकी दी कि थाने जाने पर जान से मार देंगे। गांव के तमाम लोगों के सामने लखविंदर से बदसलूकी की गई। इससे आहत होकर उसने जहर खा लिया। पुवायां के निजी अस्पताल में भर्ती के दौरान लखविंदर ने पांच लोगों के अलावा एक जनप्रतिनिधि पर पिटाई और बदसलूकी का आरोप लगाया था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था और वीडियो पुलिस तक भी पहुंचा था, लेकिन पुलिस मामले को दबा गई। पुलिस ने जनप्रतिनिधि पर कार्रवाई नहीं की है। नामजद पांच लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान के बाद पुलिस चुप्पी साध कर बैठ गई थी। नायब तहसीलदार सगीर अहमद ने लखविंदर के बयान दर्ज किए थे।
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दर्ज मुकदमे की विवेचना चल रही है। अगर पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी।
पंकज पंत, सीओ पुवायां
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