शाहजहांपुर। जलालाबाद क्षेत्र में गत वर्ष पिलर धंसने से क्षतिग्रस्त हुए कोलाघाट पुल का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शनिवार से पैदल आवागमन शुरू हो जाएगा। इसी के साथ क्षेत्रीय विधायक हरि प्रकाश वर्मा के प्रयास से इसी सप्ताह पुल पर दोपहिया वाहनों को भी निकलने की अनुमति मिल जाएगी।
फिलहाल, पुल पर दोनों ओर सेतु निगम ने कंक्रीट के भारी बोल्डर रखवाकर वहां सिर्फ पैदल राहगीरों के आने-जाने को 90-90 सेमी चौड़ी जगह छोड़ी गई है।
राज्य सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक पुल पर एक अक्तूबर से पैदल आवागमन शुरू कराने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं। बाद में क्षेत्रीय विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने पुल से दोपहिया वाहनों के निकलने के प्रयास शुरू किए और इसमें उन्हें सफलता भी मिल गई है। विधायक के अनुसार उन्होंने इस संबंध में लोनिवि मंत्री जितिन प्रसाद और सेतु निगम के परियोजना निदेशक से वार्ता की। उन्होंने बताया कि परियोजना निदेशक ने पुल की तकनीकी जांच कर रहे केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के अधिकारियों से पुल से दोपहिया वाहन निकालने की अनुमति प्राप्त कर ली है।
पुल पर पैदल यातायात शुरू कराने को जरीनपुर गांव की ओर रोड पर बड़े-बड़े पत्थर लगाकर 90 सेमी चौड़ा वन वे रास्ता बनाया गया है, जो पैदल यात्रियों के लिए नाकाफी बताया जा रहा है। भाकियू के जिला उपाध्यक्ष उदयवीर यादव ने सेतु निगम और प्रशासन से पैदल यात्रियों के सुरक्षित यातायात के लिए आने-जाने को चौड़े रास्ते देने की मांग की है। सेतु निगम के संविदा जेई नितिन कुमार ने कोलाघाट पुल से लगभग 150 मीटर पहले रोड पर 45-45 क्विंटल बजन के पत्थर लगवा दिए। मौके पर मौजूद भाकियू नेता समेत रामू वर्मा, विनय कुमार, रामकिशोर, अंशुल आदि ने पुल पर प्रवेश और निकास की चौड़ाई बढ़ाने की मांग की है। संवाद