13 वर्षीया लड़की को बहला-फुसला कर ले जाने और उससे जबरन शारीरिक संबंध बनाने के जुर्म में फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिला आपराधिक वाद) नंबर 13 ने आरिफ और उसके दोस्त लियाकत को दोषीसिद्ध अभियुक्त पाया। न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने दोनों को सात साल कैद और 35 -35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।पीड़ित के भाई की तहरीर पर सदर बाजार थाना में छह अगस्त 2004 को इस घटना का केस दर्ज किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पांच अगस्त 2004 को सदर बाजार थाना क्षेत्र के शाहबाजनगर निवासी आरिफ लड़की के घर पहुंचा और उसे अपने साथ ले गया। आरिफ का पहले से लड़की के घर आना-जाना था। उसके आने पर लड़की के भाई ने कई बार आपत्ति जताई और अपने घर आने को मना किया। इस पर उसे आरिफ, लियाकत, शमशाद, हासिम, इखलाक ने जान से मारने की धमकी दी। आरिफ लड़की के ले जाने के साथ उसके घर से दो हजार रुपये नगद और दो सोने की चेन भी ले गया था। पुलिस ने लड़की को बरामद करने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें लड़की की उम्र 14 वर्ष पाई गई। साथ ही उससे शारीरिक संबंध बनाए जाने की पुष्टि हुई। पड़ताल में पुलिस ने पाया कि आरिफ और लियाकत अपने परिवार वालों के संरक्षण में पीड़ित को विवाह हेतु विवश करने के लिए अपहृत किया एवं रेप करने के साथ ही उसे जान से मारने की धमकी दी। सरकारी वकील उमेश गुर्जर द्वारा प्रस्तुत छह गवाहों के बयान, पुलिस द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजी साक्ष्यों एवं बचाव पक्ष के तर्क को सुनने के बाद 12 अप्रैल को न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने दोनों दोस्तों को दोषी सिद्ध अभियुक्त करार देने के साथ दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।