शाहजहांपुर। गोला में जलाभिषेक कर लौट रहे फर्रुखाबाद जिले के थाना नवाबगंज के सिकंदरपुर नगला निवासी जीतू (30) बरेली मोड़ पर साथी कृष्णा का हाथ छुड़ाकर नाले में कूद गया। उसे बचाने के लिए साथी भी नाले में कूद गया। डूबने लगा तो लोगों ने उसे बचा लिया। एक घंटे बाद जीतू का शव भी बरामद कर लिया गया।
सिकंदरपुर नगला गांव के कांवड़ यात्रियों का जत्था ट्रॉली पर सवार होकर गोला गया था। वहां से सोमवार शाम को सभी लौट रहे थे। बरेली मोड़ पर कांट रोड पर साउथ सिटी के सामने जीतू ने ट्रॉली रुकवाई। वह लघुशंका करने के लिए उतरा। जीतू कुछ परेशान था। जत्थे में शामिल कृष्णा उसका हाथ पकड़कर नाले के किनारे ले गया। तभी जीतू ने कृष्णा से हाथ छुड़ाकर नाले में छलांग लगा दी। जीतू को गहरे नाले में डूबता देखकर कृष्णा ने शोर मचाया और खुद भी कूद पड़ा।
गहराई अधिक हाेने के कारण कृष्णा ने घास को पकड़ लिया। उसे अन्य कांवड़ियों ने बाहर निकाल लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कांवड़िये के नाले में डूबने की खबर के बाद खलबली मच गई। दमकल यूनिट और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी के जरिये जीतू की तलाश की गई। करीब एक घंटे के बाद उसका शव बरामद हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस जीतू को मानसिक रूप से कमजोर बता रही है। वह दो भाइयों में सबसे बड़ा था।
मां के पैर छूए, फिर बोला-हम बचेंगे नहीं
गोला से लौटते समय रास्ते में कांवड़ियों की ट्रॉली रुकी थी। ट्रॉली पर सवार संगम ने बताया कि जीतू ने सभी को पानी पिलाया था। उसने एक जगह हलवा खाया, इसके बाद से वह बहकी-बहकी बातें करने लगा। जत्थे में शामिल अपनी मां के जीतू ने पैर छुए और कहा कि वह अब बचेगा नहीं।
जीतू लघुशंका करने के लिए ट्रॉली से उतरा था। वह अपने साथी का हाथ छुड़ाकर नाले में कूद गया। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
- बीएस वीर कुमार, सीओ सिटी
जीतू की मौत के बाद गमजदा बैठे कांवड़ यात्रा में शामिल महिलाएं।