फाउंडेशन बनाने के बाद हटाए जाएंगे जैक
कर्मचारी अर्जुन सिंह ने बताया कि मंदिर के नीचे फाउंडेशन बनाने के बाद जैक धीरे-धीरे हटाए जाएंगे। मंदिर परिसर में विशाल पीपल का वृक्ष था। दिल्ली की रोहित नर्सरी के कर्मचारी पिछले महीने से इसकी कांट-छांट में लगे थे। वृक्ष को हाइड्रा मशीन से सोमवार शाम मंदिर के नवीन परिसर के समीप शिफ्ट कर दिया गया। पुजारी लखन गिरि ने बताया कि मंदिर से हजारों लोगों की आस्था जुड़ी है। प्रशासन के निर्देश पर शिफ्टिंग का कार्य किया गया है।
स्थानीय लोगों ने किया था विरोध
नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए कछियानी खेड़ा के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर को हटाने के लिए जब आदेश दिए गए थे, तब स्थानीय लोगों ने इसका काफी विरोध किया था। हिंदू संगठनों ने भी विरोध किया था। विरोध को देखते हुए एनएचएआई और प्रशासन ने मंदिर को मशीन के जरिए शिफ्ट किए जाने का फैसला किया था। सात महीने में यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया।