आरोप है कि जरियनपुर गांव में एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज करने से आठ वर्षीय बालक की मौत हो गई थी। बालक के पिता ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और बिना डिग्री के इलाज करने का अभियोग पंजीकृत कराया है। पुलिस के पोस्टमार्टम कराने पर मौत का कारण स्पष्ट न होने की वजह से विसरा रख लिया गया है। बीघापुर सिंठौली ग्राम पंचायत के मजरा बीघापुर निवासी रामवीर कश्यप ने बताया कि बुधवार को उसके आठ वर्षीय पुत्र राजबेटा को बुखार आ गया था। उसकी पत्नी नन्हुका देवी बेटे को लेकर ग्राम जरियनपुर में झोलाछाप डॉक्टर अरविंद के क्लीनिक गई। डॉक्टर अरविंद ने बालक को दिमागी बुखार बताया। आरोप है कि नन्हुका के मना करने के वजूद डॉक्टर ड्रिप (ग्लूकोज) लगा दी। बोतल चढ़ने के दौरान राजबेटा बेहोश हो गया। उसे बेसुध देखकर अरविंद भाग गया। इसी बीच वहां पहुंचे रामवीर ने बेटे को जरियनपुर के एक अन्य झोलाछाप डॉक्टर को दिखाया, लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर दिए। इसके कुछ देर बाद राजबेटा ने दम तोड़ दिया। रामवीर ने बताया कि शाम लगभग छह बजे वे बालक का शव लेकर मिर्जापुर थाने पहुंचे, तो डॉक्टर अरविंद थाने में ही मौजूद था। वह 20 हजार रुपये देकर थाने में ही मामला रफा-दफा करने का दबाव डाल रहा था, लेकिन उसने साफ कह दिया। पुलिस ने रामवीर की तहरीर पर झोलाछाप अरविंद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और मेडिकल काउसिलिंग की धारा 15 (2) के तहत अभियोग दर्ज कर लिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी अरविंद फरार हो गया।