शाहजहांपुर के भावलखेड़ा ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शहीद ठाकुर रोशन सिंह की रिश्ते की प्रपौत्री सरिता सिंह ने अपना लिंग परिवर्तन( जेंडर चेंज) करा लिया है। ऑपरेशन के बाद वह सरिता से शरद सिंह बन गईं हैं। सर्विस बुक में जेंडर बदलवाने के लिए उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरिता उर्फ शरद सिंह का कहना है कि पुरुष बनने का उनके बचपन का सपना अब साकार हुआ है।
सरिता सिंह दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। होनहार सरिता ने बीएड करने के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर 2020 में बेसिक शिक्षा परिषद में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी पाई थी। उन्हें भावलखेड़ा के एक विद्यालय में तैनाती मिली। इसके बाद वह निगोही रोड पर किराये का मकान लेकर रहने लगीं। सरिता के अंदर सारे गुण पुरुषों की तरह थे। हेयर स्टाइल से लेकर पहनावा भी पुरुषों की तरह था। नौकरी मिलने के बाद उन्होंने अपना जेंडर बदलवाने का इरादा पक्का किया। ऑपरेशन के बाद अब उनकी दाढ़ी-मूंछ भी आ गईं हैं।
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सरिता उर्फ शरद सिंह
- फोटो : अमर उजाला
अंतिम प्रक्रिया में चल रही फाइल
सरिता सिंह ने ऑपरेशन करा लिया है। उन्होंने अपना जेंडर बदलवाने के लिए बीएसए कार्यालय में भी पत्राचार किया है। यहां भी प्रशासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार हो रहा है। इसके बाद उनकी सर्विस बुक में जेंडर बदल दिया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
राजकीय मेडिकल कॉलेज में हुई काउंसलिंग
सरिता उर्फ शरद सिंह बताते हैं कि यह निर्णय लेने के लिए उन्होंने काफी मनन किया। लंबी काउंसलिंग का सहारा लिया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में काउंसलिंग के बाद लखनऊ में हार्मोनल थेरेपी के बाद अब उनके शरीर में परिवर्तन आ चुके हैं। इस प्रक्रिया के बाद अपनी सर्जरी 2021 में मध्य प्रदेश में कराई।
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सरिता उर्फ शरद सिंह
- फोटो : अमर उजाला
शादी के सवाल पर बोलीं- यह मेरा व्यक्तिगत मामला
विभाग में चर्चा है कि शिक्षिका जेंडर बदलने के बाद शादी करेंगी। हालांकि, उन्होंने इस सवाल को टाल दिया। कहा, अभी ऐसा कोई इरादा नहीं है। वैसे भी उनका व्यक्तिगत मामला है।
बीएसए कुमार गौरव ने बताया कि शिक्षिका सरिता द्वारा जेंडर चेंज कराने का फैसला उनका व्यक्तिगत हैं। हमें ज्यादा जानकारी नहीं है। संभव है कि हमारी ज्वाइनिंग से पूर्व से जेंडर बदलवाने की प्रक्रिया चल रही होगी।