शाहजहांपुर में हुसैनपुरा स्थित पीएचसी पर मरीज देखती स्टाफ नर्स लोकेश्वरी। संवाद
शाहजहांपुर। शहर की स्वास्थ्य इकाइयों में तो मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन हुआ। अधिकारियों की लापरवाही से ग्रामीण व तहसील क्षेत्र में आयोजन नहीं होने से मरीजों को मायूस लौटना पड़ा।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जली कोठी में आरोग्य मेले में 48 मरीज देखे गए। इनमें ज्यादातर बुखार, खांसी और चर्म रोग से पीड़ित मरीज थे। डॉ. ज्योति कुशवाहा ने लंबे समय से बुखार से पीड़ित आठ मरीजों की खून व दो गर्भवती महिलाओं की जांच करवाई। पीएचसी हुसैनपुरा में 25 मरीजों का परीक्षण किया गया। हनुमत धाम के निचले इलाकों में गत दिनों बाढ़ का प्रकोप रहने की वजह से बुखार व चर्म रोग के मरीज अधिक थे। पीएचसी लोधीपुर में 55 मरीजों को देखा गया। यह क्षेत्र भी बाढ़ के कारण प्रभावित रहा है। डॉ. आलोक यादव ने बताया कि बुखार, चर्म रोग के अलावा दस्त के मरीज अधिक आ रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलालनगर में 15 मरीजों को देखा गया। यहां पर सबसे ज्यादा बुखार के मरीज पहुंचे।
तिलहर में नहीं नहीं हुआ आयोजन
-सीएचसी तिलहर में रविवार को स्वास्थ्य मेले का आयोजन नहीं हुआ। इसके चलते मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। ग्रामीण इलाके के कई अन्य स्वास्थ्य इकाइयों पर भी मेला नहीं लगा है।
सीएम आरोग्य मेला प्रत्येक रविवार को लगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। शहरी इकाइयों का स्वयं निरीक्षण किया। ग्रामीण इलाकों में मेला नहीं लगने के बारे में एसीएमओ से जानकारी लेंगे।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ
शाहजहांपुर में हुसैनपुरा स्थित पीएचसी पर मरीज देखती स्टाफ नर्स लोकेश्वरी। संवाद