रोजा शुगर मिल के बंद होने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ता 11 अक्टूबर से चीनी मिल गेट पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मगर चीनी मिल प्रशासन की ओर से कोई वार्ता नहीं की गई। इसको लेकर भारतीय किसान यूनियन ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर मिल गेट के सामने पंचायत की और इसके बाद नेशनल हाइवे जाम कर दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। सूचना मिलने पर पहुंची सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेने के बाद जाम खुलवा दिया। ज्ञापन में रोजा चीनी मिल 2015-16 के सीजन में सुचारु रूप से चलाए जाने की मांग शामिल है। कार्यकर्ता चीनी मिल में मरम्मत कार्य जल्द शुरू करने और समय से किसानों के गन्ने का सर्वे कराकर स्लिप तत्काल कटवाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि किसानों को दिए गए गन्ने के बीज का भुगतान सीजन 2014 - 15 में काट लिया गया जो 2015- 16 में काटना चाहिए था। इसे तत्काल किसानों के खातों में भेजकर आगामी सत्र में काटा जाए। किसानों से रोजा गन्ना समिति द्वारा जो पैसा रोड फंड के लिए काटा जाता था उसका चीनी मिल को जाने वाले रास्ते का निर्माण कराया जाए। चीनी मिल जो पहले से पैटर्न पूल बनवाया जाता था उसको फिर से बनाया जाए। इस मौके पर मुनेश्वर दयाल कठेरिया, जितेंद्र सिंह, अब्बू पंडित, तहजीब खान, मोदक दीक्षित, शिवकुमार, रामशंकर, अनुराग आदि लोगों के साथ सैकड़ों संख्या में किसान मौजूद रहे। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस, पीएसी और फायर ब्रिगेड के जवान मुस्तैद रहे।