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Shahjahanpur News: गर्मी से बढ़ी सब्जियों पर महंगाई की मार... आम आदमी की पहुंच के बाहर

Mon, 22 May 2023 12:10 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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बहादुरगंज मंडी में सब्जियां खरीदते ग्राहक। संवाद
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शाहजहांपुर। गर्मी बढ़ने के साथ ही हरी सब्जियों के दामों में बेतहाशा इजाफा हुआ है। महिलाएं हरी सब्जी पर महंगाई की मार को देखते हुए दाल और आलू को वरीयता देने लगी हैं। सब्जियों पर महंगाई का असर निम्न और मध्यमवर्गीय परिवारों पर ज्यादा पड़ रहा है। गर्मी के साथ सब्जियों के महंगे होने का एक कारण सहालग का सीजन भी बताया जा रहा है।
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थोक सब्जी विक्रेता रामरतन ने बताया कि मंडी में जिस सब्जी के दाम 20 रुपये किलोग्राम है, वह फुटकर में 80 रुपये किलो बिक रही है। थोक विक्रेताओं की मानें तो थोक में सब्जियों पर अधिक महंगाई नहीं है। मंडी से फुटकर विक्रेताओं के पास पहुंचने पर सब्जियों के दाम कई गुना बढ़ जाते हैं। इसका कारण यह है कि थोक बाजार में सब्जियां छांट कर नहीं दी जाती हैं। पूरे ढेर को एक साथ तौला जाता है। फुटकर विक्रेता को अच्छी सब्जी निकालने के लिए छंटाई करनी पड़ती है। इसके साथ ढुलाई भी देनी पड़ती है। इसका असर सब्जी के दामों पर पड़ता है।

पॉश कॉलोनियों में सब्जियों के दाम और ज्यादा
पॉश कॉलोनियों में फेरी लगाकर सब्जी बेचने वाले दाम और ज्यादा बढ़ा लेते हैं। अधिकतर पॉश कॉलोनी शहर के बाहरी इलाकों में हैं। मंडी में मिलने वाली सब्जी के दाम और पॉश कॉलोनी में फेरी में मिलने वाली सब्जियों के दाम में अंतर चार गुना तक हो जाता है।
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सब्जियों के दाम (रुपये/प्रति किलोग्राम)
सब्जी थोक फुटकर पॉश कॉलोनी
परवल 20 से 22 80 90
टिंडा 20 से 22 80 90
भिंडी 10 से 12 40 50
तोरई 10 से 12 40 50
शिमला मिर्च 16 से 20 60 70
फूलगोभी 18 से 20 60 70
पत्ता गोभी 15 से 18 30 40
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बारिश के बाद कम होंगे दाम
- बाजार में हरी सब्जी भरपूर आ रही है। सहालग भी चल रहे हैं। गर्मी के चलते हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। बारिश होने के बाद सब्जी के दामों में कमी आने की संभावना है। - शकील, फुटकर सब्जी विक्रेता
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महंगाई से गड़बड़ाया बजट
हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए है, लेकिन गर्मी में अधिकतर हरी सब्जी ही खाई जाती है। सब्जी पर महंगाई होने से रसोई पर बोझ बढ़ा है। जिसको किसी तरह से मैनेज कर रहे हैं। - दुर्गेश राठौर, ग्राहक
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मांग बढ़ने का दुकानदार उठा रहे फायदा
गर्मी के मौसम में लोग हरी सब्जी अधिक पसंद करते हैं। जिसकी वजह से हरी सब्जी की मांग बढ़ी है। जिसका दुकानदार फायदा उठा रहे हैं।
- शांति देवी, ग्राहक

हरी सब्जी लेने की तो हिम्मत ही नहीं होती
मौसम के अनुसार लोग सब्जी खाना पसंद करते हैं। इस समय हरी सब्जी खाने का सीजन चल रहा है। दाम सुनकर सब्जी खरीदने की हिम्मत ही नहीं होती। - सोनम, ग्राहक

हरी सब्जियों ने बिगाड़ा रसोई का बजट
जब किसी वस्तु की मांग बढ़ती है तो उसकी कीमत पर भी असर पड़ता है। हरी सब्जी महंगी होने से रसोई का बजट बिगड़ा है। पहले की अपेक्षा कम मात्रा में सब्जी ले रहे हैं। - निधि शुक्ला, इंदिरा नगर पॉश कॉलोनी

चार पैसे कमा लेता हैं फेरी वाले
घर के सामने फेरी वाला सब्जी लेकर कड़ी धूप में आता है। मेहनत करने पर ही कुछ रुपये अधिक ले लेता है। आसानी से घर के पास ही सब्जी उपलब्ध हो जाती है। - अमिता मिश्रा, ब्रज बिहार पॉश कॉलोनी

बहादुरगंज मंडी में सब्जियां खरीदते ग्राहक। संवाद

बहादुरगंज मंडी में सब्जियां खरीदते ग्राहक। संवाद

बहादुरगंज मंडी में सब्जियां खरीदते ग्राहक। संवाद

बहादुरगंज मंडी में सब्जियां खरीदते ग्राहक। संवाद

बहादुरगंज मंडी में सब्जियां खरीदते ग्राहक। संवाद

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