फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की बढ़ी तबाही

Sun, 02 Apr 2023 01:52 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
विज्ञापन
शुक्रवार रात हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से बंडा क्षेत्र के एक खेत में गिरी गेहूं की फसल। संवाद
विज्ञापन
शाहजहांपुर। शुक्रवार रात तेज हवा के साथ बादल गरजने लगे और मूूसलाधार बारिश शुरू हो गई। कई ओले भी गिरे। बारिश के दौरान 50-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली तो गेहूं, सरसों आदि फसलें खेतों में बिछ गईं। सुबह किसानों ने खेतों पर जाकर फसलोंं की तबाही का मंजर देखा तो उनका कलेजा फटने लगा। इस बीच, कृषि विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया।
विज्ञापन

जिले के 2.47 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल में गेहूं की फसल की गई है। गत 20 जनवरी से रुक-रुककर हो रही बारिश से फसलों को नुकसान भी बढ़ रहा है। करीब 35 हजार हेक्टेयर में की गई सरसों की अधिकांश फसल कट चुकी है, लेकिन गेहूं की अभी मुश्किल से आठ-दस प्रतिशत कटाई हो सकी है। बारिश थमने पर किसान अपनी फसलें काटकर सहेजने और सुखाने का प्रयास करते हैं, लेकिन फिर से बारिश शुरू हो जाने से फसलों के बचाव की सारी कोशिशें बेमानी साबित हो जाती हैं। शुक्रवार रात तेज बारिश के साथ तिलहर, जैतीपुर आदि क्षेत्रों मेें ओले गिरने से फसलों को ज्यादा नुकसान हो गया।
गिरा तापमान, हवा में ठंडक
बारिश के साथ ओले गिरने से रात में न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री घटकर 16.4 डिग्री सेल्सियस हो गया। दिन में अधिकतम तापमान भी दो डिग्री घटकर 27 डिग्री सेल्सियस हो गया। शनिवार सुबह तक 29.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
विज्ञापन


30 फीसदी से ज्यादा फसली नुकसान आशंका
कृषि विभाग के अधिकारी पहले दौर की बेमौसम की बरसात से रबी फसलोंं को बमुश्किल 15 फीसदी नुकसान मान रहा है, लेकिन रात में हुई चौथे दौर की वर्षा से फसलों को करीब 30 फीसदी से अधिक नुकसान होने की आशंका है। शनिवार को सदर तहसील के गांव राईखेड़ा उर्फ रहमाननगर में इंद्रपाल समेत कई किसानों के खेतों मेें गिरी फसलों का निरीक्षण किया। बाद में मुख्यालय लौटकर अधिकारियों ने बताया कि जिन खेतों मेेें फसलें गिरने से पानी भर गया है, उन किसानों को ज्यादा क्षति हो सकती है, लेकिन जनपद स्तर पर अब तक के सर्वे नतीजों के अनुसार फसली नुकसान 15 से 16 प्रतिशत तक सीमित है।
अधिकारी के साथ इंद्रदेव भी रूठे
बंडा। किसानों को नुकसान होने के बाद भी क्षेत्र में न तो गिरी हुई फसलों का सर्वे हो रहा है और न ही किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। गत 20 व 21 मार्च को किसानों की फसलें खेतों में गिर गईं थीं। शुक्रवार रात फिर से बारिश शुरू हो गई, जिससे केवल गेहूं की कटाई में दिक्कत आ रही है। शनिवार को दिनभर बादल छाए रहने से भीगी फसलों को सुखाना भी कठिन हो रहा है। किसानों का कहना है कि अधिकारियों के साथ इंद्रदेव भी रूठे हुए हैं और इसीलिए कहीं से कोई राहत की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

जो फसलें भीगने के बाद भी खेतों में खड़ी हैं, वह दो दिन धूप निकलने पर सूखकर सामान्य हो जाएंगी। रात में हुई बारिश से वही किसान प्रभावित हैं, जिनकेे खेतों में पानी भरने से फसलें गिरी हैं। सर्वे से पता लगा है कि ज्यादातर गांवों में कुछ किसानों की फसलें गिरी हैं। जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया है, लेकिन उनकी फसलें गिर गई हैं, वह भी कृषि कार्यालय को सूचना दे सकते हैं। सर्वे कराकर उन्हें भी नियमानुसार क्षतिपूर्ति कराई जाएगी। -डॉ. सतीश चंद्र पाठक, फसली क्षति सर्वे प्रभारी/जिला कृषि अधिकारी

शुक्रवार रात हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से बंडा क्षेत्र के एक खेत में गिरी गेहूं की फसल। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें