ट्रेंच विधि से सह फसली खेती कर बढ़ाएं गन्ना उत्पादन
उप्र गन्ना शोध परिषद में आयोजित किसान मेला में जिले के विभिन्न स्थानों समेत अन्य जनपदों से तमाम गन्ना उत्पादक उमड़े। उन्होंने परिषद के कैंपस में लगाई गई प्रदर्शनी में विभिन्न स्टालों और गन्ने की नवीनतम उन्नतशील प्रजातियों का अवलोकन कर उनके बारे में जानकारी हासिल की। यही नहीं, 1361 किसानों को नवीनतम प्रजातियों वाले गन्ना बीज की किटें बांटी गईं। इस मौके पर आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संगोष्ठी में गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने ट्रेंच विधि से सह फसली खेती करके गन्ना उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि ने कहा वर्तमान में सबसे बड़ी आवश्यकता गन्ना उत्पादन बढ़ाने की है। गन्ने की जितनी पैदावार हो रही है, वह चीनी मिलों के लिए अपर्याप्त साबित हो रही है। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन वृद्धि होने और अस्वीकृत प्रजातियां विस्थापित करने से किसानों को लाभ होने के साथ चीनी मिलों के जरिए सरकार को भी अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी। चीनी मिलों के गन्ना मूल्य भुगतान के संबंध में उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत से कम गन्ना मूल्य भुगतान करने वाली चीनी मिलों की बैठक बुलाकर यह यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पेराई सत्र की समाप्ति के 14 दिन के अंदर 90 प्रतिशत भुगतान चीनी मिलों द्वारा कर दिया जाए। परिषद के उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने किसानों को देश का अन्नदाता और उद्धारक बताते हुए कहा कि सरकार अपने स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि किसानों का हित देखते उत्पादन में बढ़ोत्तरी को प्रयासशील है। मुख्य विकास अधिकारी पुलकित खरे ने मेले में आए किसानों से आग्रह किया कि इन गोष्ठियों से अधिक से अधिक उपयोगी जानकारी प्राप्त करके उनका इस्तेमाल खेतों में करें। इससे पूर्व, परिषद के निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने मिठास मेला में आए अधिकारियों को प्रदर्शनी के स्टालों का निरीक्षण कराया और उन्हें परिषद की शोधपरक उपलब्धियों से अवगत कराया। निदेशक डॉ. शर्मा ने मुख्य अतिथि और अन्य आगन्तुकों को बताया कि परिषद द्वारा अब तक गन्ना की 212 प्रजातियां विकसित की जा चुकी हैं। प्रारंभ में परिषद के उपाध्यक्ष ने दीप प्रज्जवलित कर संगोष्ठी और गन्ना आयुक्त ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। डॉ. सुरेश मिश्र के संचालन में हुई संगोष्ठी के अंत में संयुक्त निदेशक डॉ. इंद्रसेन सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
बेहतर उत्पादन के लिए सम्मानित हुए किसान
मेले में गन्ना आयुक्त ने गन्ना प्रतियोगिता में सर्वोत्तम गन्ना उत्पादन के लिए श्रीराम, ज्ञानेन्द्र गंगवार एवं अनिल साहनी को कृमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
अधिकतम चीनी परता देने वाली मिलें हुई पुरस्कृत
प्रदेश में अधिकतम औसत चीनी परता प्राप्त करने वाली चीनी मिल प्रतिनिधियों को भी आयुक्त ने पुरस्कृत किया। इस कड़ी में 12.17 प्रतिशत चीनी परता प्राप्त करने वाली बिसवां (सीतापुर) की सेक्सरिया चीनी मिल को प्रथम, 11.78 प्रतिशत चीनी परता के साथ निगोही की डालमिया मिल को द्वितीय और 11.75 प्रतिशत औसत चीनी परता के लिए द्वारिकेश शुगर मिल, बुन्दकी को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय भवन का उद्घाटन
मिठास मेला और संगोष्ठी में शामिल होने से पहले गन्ना आयुक्त ने रोजा स्थित सहकारी गन्ना समिति कार्यालय भवन के प्रथम तल पर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। डीसीबो बृजेश कुमार पटेल ने आयुक्त के साथ आए अधिकारियों और अन्य आगंतुकों का स्वागत किया।