पुवायां। अगर आप किसी घोटाले की जांच का अनुरोध करते हैं तो अपनी जेब ढीली करने के लिए भी तैयार रहें। हैंडपंप रीबोर घोटाले की जांच के लिए शिकायतकर्ता से 29300 रुपये खर्च लेने के लिए एडीएम न्यायिक ने लोकायुक्त कार्यालय को पत्र भेजा है।
कस्बा निवासी चंद्रकला ने लोकायुक्त से खुटार ब्लॉक क्षेत्र में हैंडपंप रीबोर में बड़ा घोटाला करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। लोकायुक्त के सचिव राजेश कुमार के पत्र पर डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे, लेकिन कुछ हैंडपंपों में गड़बड़ी सामने आने के बाद भी अचानक जांच बंद कर दी गई।
एडीएम न्यायिक राशिद अली ने अधिकारियों को बताया कि बीडीओ खुटार व जल निगम के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जांच के लिए कोई राशि टीम को उपलब्ध नहीं कराई गई है। हैंडपंप को खुलवाने के लिए मिस्त्री और श्रमिकों की जरूरत होगी। इस पर प्रति हैंडपंप 300 रुपये खर्च आएगा। कुल 97 हैंडपंपों के रीबोर की जांच होनी है, जिस पर 29300 रुपये व्यय का अनुमान है।
एडीएम के पत्र में लिखा गया है कि व्यय होने वाली राशि शिकायतकर्ता से लेना उचित होगा। लोकायुक्त के सचिव की ओर से चंद्रकला को एडीएम का पत्र भेजकर तीन मई तक जवाब देने के लिए कहा है। चंद्रकला ने बताया कि वह जल्द ही लोकायुक्त के सचिव के पत्र का जवाब दाखिल करेंगी।