शाहजहांपुर। प्रथम फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने दहेज के लिए हत्या के मामले में दोषी पति को सात साल की कैद की सजा से दंडित किया। उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने बताया कि हरदोई के सांडी थाना क्षेत्र के गांव चचरापुर निवासी योगेंद्र सिंह ने अपनी बेटी पूजा का विवाह 14 जून 2012 को सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के गांव डीगुरपुर निवासी आशीष सिंह से किया था। योगेंद्र के मुताबिक ससुराल के लोग दहेज से संतुष्ट नहीं थे। विवाह में ही पांच लाख रुपये की मांग को लेकर विवाद हो गया था। किसी तरह समझाकर विदा की गई थी। बेटी ने दो पुत्रियों को जन्म दिया। इसके बाद उस पर अत्याचार बढ़ गया। 30 मार्च 2018 को उसे सूचना मिली कि उसकी बेटी को जला दिया गया है। लखनऊ में उसकी बेटी की मौत हो गई। पांच अप्रैल 2018 को पिता की तहरीर पर सेहरामऊ दक्षिणी थाने में पति आशीष, ससुर कौशलपाल सिंह, सास कमला देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के बाद पति आशीष के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा गया। अदालत ने गवाहों के बयान, साक्ष्य और शासकीय अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद आशीष को दोषी मानते हुए सात साल की सजा से दंडित किया।