शाहजहांपुर। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश अहसान हुसैन ने दहेज के लिए हत्या में दोषी पति को दस वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। आरोपी सास को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शहर के मोहल्ला मसीतगंज निवासी भगवान कश्यप उर्फ भल्लू ने चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी सविता का विवाह हनुमतधाम के निकट स्थित मोहल्ला चमौधा निवासी राजन उर्फ छोटे से किया था। शादी के बाद से बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था।
दहेज की मांग पूरी न होने पर 15 अप्रैल 2019 को बेटी को फंदे से लटकाकर मार डाला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर राजन और सास शीला देवी के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील विनोद कुमार शुक्ला के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने पति राजन को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। सास शीला देवी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।