शाहजहांपुर। चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेहा आनंद ने दहेज हत्या के एक मुकदमे में दोषी पति को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र के गांव रौसरकोठी निवासी रामगुनी ने अपनी बेटी गायत्री की शादी मोहल्ला मिश्रीपुर के अजय से की थी। इस दौरान दिए दहेज से वह खुश नहीं था। आए दिन गायत्री को पीटता था। सास का मकान अपने नाम करने के लिए कहता था। दो जनवरी 2021 को उसे जानकारी मिली कि बेटी गायत्री को दामाद अजय ने मार डाला है। वह मौके पर गई तो बेटी का शव चारपाई पर मिला। रामगुनी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचना के बाद उसके खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा गया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान सात गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने अजय को दोषी पाया। उसे दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।