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मलेरिया से जंग के बीच डेंगू का खतरा

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शाहजहांपुर के बहादुरपुरा मोहल्ले में एंटी लार्वा का छिड़काव करते कर्मचारी संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। मच्छरजनित रोग मलेरिया ने अब रफ्तार पकड़ ली है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना दो से तीन मरीज सामने आ रहे हैं। पिछले चार महीनों में मलेरिया के 203 मरीज मिले हैं। इसमें 182 से अधिक मरीज पिछले तीन महीने के हैं। वहीं, अगस्त महीने में 66 रोगी सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नदी के आसपास के प्रभावित इधर, डेंगू का खतरा भी बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने नदी के आसपास प्रभावित क्षेत्रों व शहर के मोहल्लों में एंटी लार्वा का छिड़काव शुरू करा दिया है। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को आशंकित मरीजों की जांच के लिए किट दी गई है।
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शहरी व ग्रामीण स्तर पर मच्छरों से बचाव के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण लोगों को मलेरिया ने घेरना शुरू कर दिया। पिछले तीन महीने में मलेरिया के रोगियों की संख्या बढ़ी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज, पीएचसी और सीएचसी पर आने वाले बुखार के मरीजों की जांच के बाद आंकड़े सामने आए हैं। अभी तक 203 लोगों को मलेरिया ने चपेट में लिया है।
अहम बात यह है कि इसमें 182 से मरीज पिछले तीन महीने में मलेरिया की जद में आए हैं। ग्रामीण इलाकों में मलेरिया के अधिक फैलाव के कारण वहां पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराना शुरू कर दिया गया। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) डॉ. एसपी गंगवार ने बताया कि कलान में फॉगिंग का काम पूरा हो चुका है। जैतीपुर में ग्राम पंचायत स्तर से फॉगिंग कराई जा रही है। शहरी क्षेत्रों में भी नगर निगम के जरिये एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
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विशेष अभियान में छह हजार लोगों की स्क्रीनिंग, 15 केस मिले
जिले में वायरल बुखार को देखते हुए जिला मलेरिया अधिकारी के निर्देश पर 24 से 31 अगस्त के बीच विशेष अभियान चलाकर मलेरिया रोगियों को खोजा गया। स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं के जरिये घर-घर तक दस्तक दी। वहां पर बुखार के रोगी मिलने पर मलेरिया की आशंका के चलते आठ दिन में छह हजार लोगों की स्क्रीनिंग की। इसमें 15 मलेरिया के रोगी सामने आए हैं।
जांच के लिए आशाओं को दी किट
विभाग ने जिले की करीब ढाई हजार आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया रोगियों की खोज में एक बार फिर से उतार दिया है। हर आशा को किट दी गई। आशाएं सर्वे के दौरान घरों में जाकर बुखार के लक्षण मिलने पर जांच कर लेती हैं। डीएमओ डॉ. एसपी गंगवार ने बताया कि अभी तक प्रत्येक आशा को 10 किट दी गईं हैं। किट खत्म पर उन्हें और उपलब्ध करा दी जाएंगी।
मलेरिया रोगी स्वस्थ व्यक्ति को कर देगा पीड़ित
मलेरिया की पुष्टि होने के बाद आमतौर पर लोग तीन दिन दवा खाकर बंद कर देते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इसका उपचार 14 दिन तक चलता है। तीन दिन क्लोरीक्वीन टैबलेट मलेरिया को खत्म करती है। जबकि 14 दिन तक चलने वाली प्रीमाक्वीन टैबलेट शरीर के अंदर मलेरिया के वायरस को खत्म कर देती हैं। डॉक्टरों ने बताया कि मलेरिया रोगी से दूसरे व्यक्ति को भी खतरा बना रहता है।
अभी तक मिले मलेरिया के मरीज
जनवरी से अप्रैल तक मलेरिया का प्रकोप नहीं था। मई के आते ही मलेरिया ने लोगों को घेरना शुरू कर दिया। मई में 21, जून में 22, जुलाई में 94 और अगस्त में 66 मलेरिया के मरीज मिले हैं।
ये हैं मलेरिया के लक्षण
तेज बुखार, पसीना आना, शरीर में दर्द, उल्टी आना।
ये बरतें सावधानी
- मच्छरों से बचाव के लिए सुबह और शाम में फुल अस्तीन के कपड़े पहनें।
- पानी का ठहराव न होने दें, जहां पानी भरा हो, वहां मोबिऑयल व डीजल डाल दें।
- बुखार आने पर सरकारी अस्पताल में जाकर इलाज कराएं।
- मलेरिया के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इससे आमजन को बचाने के लिए नगर निगम, नगर पंचायत व ग्राम स्तर पर समन्वय स्थापित कर डीडीटी का छिड़काव कराया जा रहा है। - डॉ. एसपी गंगवार, जिला मलेरिया अधिकारी
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