कथा सुनाते आचार्य पं. नरेंद्र मोहन मिश्रा। संवाद
सिंधौली। कस्बे में चल रही श्रीमदभागवत कथा में रविवार को आचार्य पं. नरेंद्र मोहन मिश्रा ने कहा कि जनकल्याण एवं धरा की सुरक्षा के लिए भगवान समय-समय पर अवतार लेते रहते हैं।
उन्होंने भगवान विष्णु के तीसरे वराह अवतार की कथा सुनाई। बताया कि ब्रह्माजी की नासिका से विष्णुजी के तीसरे अवतार वराह अवतार का जन्म हुआ। दैत्य हिरण्याक्ष ने भगवान वराह को युद्ध के लिए ललकारा। भगवान विष्णु के वराह अवतार ने अपने दांतों और जबड़ों से हिरण्याक्ष का पेट फाड़ दिया और पृथ्वी को फिर से अपने स्थान पर स्थापित कर दिया। इस मौके पर दाताराम गुप्ता, वासुदेव मिश्रा, अनिल कुमार मिश्रा, कृष्णमोहन मिश्रा, अनूप मिश्रा, सुरेंद्र यादव, ओमाराम गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद