कुर्रियाकलां। मल्हपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार को कथा व्यास आचार्य पंडित आशीष बाजपेयी ने सुदामा चरित्र सुनाकर श्रद्धालुओं को भगवान के प्रति शरणागत होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण सुदामा बेहद गरीब थे। उन्होंने भिक्षा मांगकर अपनी जीविका चलाई लेकिन बाल सखा भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनकी आस्था कम नहीं हुई। इसी कारण भगवान ने प्रसन्न होकर उन्हें धन धान्य से परिपूर्ण कर सभी अभावों से मुक्त कर दिया। कथा के विश्राम पर परीक्षित बने महेश त्रिवेदी ने पत्नी पूजा त्रिवेदी के साथ भगवान की आरती उतारी। कथा के अंत में जिला पंचायत के पूर्व सदस्य नीरज मिश्रा ने कथा व्यास को खाटू श्याम की तस्वीर भेंटकर सम्मानित किया। कथा श्रवण में ब्लॉक प्रमुख श्रीदत्त शुक्ला, योगेश त्रिवेदी, महेश बाजपेयी, गोविंद शुक्ला, संगम दुबे आदि शामिल रहे। संवाद