भावलखेड़ा। आठ साल की बच्ची चूंकि दोनों आरोपियों को रिश्तेदार होने की वजह से अच्छी तरह पहचानती थी, इसलिए बिना कोई विरोध किए उनके साथ चली गई। शराब के नशे में दोनों बच्ची का अपहरण कर टेंपो से तिलहर क्षेत्र में एक खेत में ले गए और दुष्कर्म किया। चूंकि बच्ची को जिंदा छोड़ देने पर पकड़े जाने का खतरा था सो दोनों बच्ची की हत्या करना चाहते थे। दुष्कर्म के बाद उन्होंने बच्ची को एक घर में कैद कर लिया। उसका गला भी दबाया, लेकिन उसी वक्त पुलिस वहां पहुंच गई। इस पर आरोपियों को बच्ची को छोड़कर भागना पड़ा था।
खेतीबाड़ी करने वाले आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। उनकी बच्ची के पिता से भी रिश्तेदारी है। अक्सर बच्ची के घर आना-जाना भी होता है। बच्ची के पिता का ममेरा भाई चार मार्च को अपने चचेरे भाई के घर आया था। दोनों ने साथ शराब पी। इसके बाद उनकी नजर बच्ची पर पड़ी तो दोनों ने उसका अपहरण कर दुष्कर्म करने की योजना बना ली। चूंकि, बालिका दोनों को जानती थी, इसलिए उनकी बातों में आ गई। बालिका को चीज दिलाने के बहाने दोनों ऑटो में बैठाकर खानपुर ले गए और फिर एक खेत में उसके साथ दुष्कर्म किया।
मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई तो पुलिस हरकत में आ गई। जांच-पड़ताल में घटना में बच्ची के पिता के ममेरे भाई का नाम सामने आया तो पुलिस ने उसके गांव में दबिश दी। वहां एक घर से बच्ची बरामद हो गई, जबकि आरोपी भाग गए। पुलिस ने सोमवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, जब घर में दबिश दी गई तो आरोपी लड़की का गला दबाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस को वहां पहुंचने में अगर कुछ देर हो जाती तो आरोपी बच्ची को मार डालते। सीओ सिटी एपी सिंह ने बताया कि तहरीर आने के बाद केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष कार्रवाई गतिमान है।