मिर्जापुर स्थित पॉलीटेक्निक भवन। संवाद
जलालाबाद। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कलान तहसील के मिर्जापुर ब्लाक में 17 साल बाद भी राजकीय पाॅलीटेक्निक की बिल्डिंग अधूरी पड़ी है। लापरवाही का यह मामला मुख्यमंत्री के समक्ष पहुंचने के बाद शासन से डीएम को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्ष 2007-08 में बसपा शासन के दौरान मिर्जापुर ब्लाक में राजकीय पाॅलीटेक्निक की स्वीकृति दी गई थी। मिर्जापुर से करीब तीन किमी आगे फर्रुखाबाद-मुरादाबाद हाईवे पर इसका निर्माण शुरू किया गया। बताते हैं कि भवन निर्माण से जुड़े कार्यों को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठने लगे थे। किसी तरह दो तिहाई बिल्डिंग बनाने के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया, जो 17 साल बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका। इस अनदेखी से सरकार की करोड़ों की धनराशि खर्च होने के बाद भी इस पिछड़े इलाके के युवाओं की अपने क्षेत्र में ही टेक्निकल डिप्लोमा हासिल कर लेने की हसरत अधूरी रह गई।
गत नौ सितंबर को भारतीय हलधर किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव तथा सपा नेता रामवीर सिंह सोमवंशी ने लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में इस मामले को रखा। मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में उन्होंने निर्माण कार्य में करोड़ों की धांधली किये जाने का आरोप लगाया। साथ ही मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने और पालीटेक्निक शुरू कराने की मांग की। सोमवंशी ने बताया कि मुख्यमंत्री के सचिव ने डीएम को पत्र भेजकर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।