शाहजहांपुर। जीएसटी संग्रह का दायरा बढ़ाने के लिए वाणिज्य कर विभाग ने कवायद तेज कर दी है। पिछले पांच माह में विभाग ने पांच माह में 10.54 करोड़ का जुर्माना वसूला है। इसमें वाहन चेकिंग और जीएसटी रिटर्न में गड़बड़ी के मामले शामिल हैं। जीएसटी का दायरा बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले निर्माण कार्याें को भी शामिल किया जा रहा है।
जनपद में वर्तमान में 19,246 व्यापारियों का जीएसटी पंजीयन है। इनमें केंद्रीय कर के 8,654 व्यापारी और राज्य कर के दायरे में 10,594 व्यापारी आते हैं। अप्रैल से अगस्त तक चलाए गए वाहन चेकिंग अभियान में 63 वाहनों से जीएसटी चोरी का 4.29 करोड़ का माल पकड़ा गया। इन लोगों से जुर्माने के रूप में 1.14 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। वहीं जीएसटी रिटर्न भरने में गड़बड़ी करने के मामले में करीब 800 व्यापारियों से 9.40 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है।
ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्य भी जीएसटी में होंगे शामिल
वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ग्राम पंचायतों में मनरेगा और पंचायत निधि आदि के माध्यम से निर्माण निजी एजेंसियों से कराए जाते हैं। एजेंसियों का टीडीएस भी कटता है, लेकिन इसका कुछ पता नहीं चल पाता था। अब पंचायतों में जो भी निर्माण कार्य होंगे, वे जीएसटी के दायरे में आएंगे। संबंधित एजेंसियों को जीएसटी में अपना पंजीयन कराना पड़ेगा। इसमें मनरेगा कार्याें में हो रही गड़बड़ी को देखते हुए इन पर विशेष नजर रखी जा रही है। निजी कार्य करने वाले ठेकेदारों का भी जीएसटी पंजीयन अनिवार्य हो गया है।
जीएसटी संग्रह का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। वाहनों की चेकिंग बढ़ाई गई है। पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्य की एजेंसियों और निजी ठेकेदारों को भी जीएसटी के दायरे में लाया जा रहा है।
- परवेश तोमर, उपायुक्त वाणिज्य कर विभाग