0 वरिष्ठ नागरिक जलसेवा समिति के पदाधिकारी हर साल जून माह में रेलवे स्टेशन पर करते हैं जलसेवा
0 20 से 22 सेवानिवृत्त कर्मियों की टोली वर्षों से ट्रेनों के यात्रियों को पानी पिलाकर कमा रही पुण्य
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। जून की तपती दोपहरी में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर ट्रेन रुकती है तो अधिकतर जनरल कोच के यात्री पानी तलाशते हैं। रेलवे के पानी के कुछ बूथ सूखे तो अधिकतर में गर्म पानी होने के चलते मुसाफिरों को निराशा हाथ लगती है। उस समय ओसीएफ व रेलवे से सेवानिवृत्त पेंशनर जलसेवा कर पुण्य कमाते हैं। यह सिलसिला 31 साल से अनवरत चला आ रहा। पेंशनर की टोली बिना रुके व बिना थके जल सेवा शिविर लगाकर चिलचिलाती धूप में जनरल कोच से सफर करने वाले यात्रियों को पानी पिला रही है।
1992 में जलसेवा शिविर का शुभारंभ ओसीएफ से सेवानिवृत्त सूर्यभान चंद्र शुक्ला, नरेश चंद्र शर्मा ने रेलवे स्टेशन पर किया था। तीन लोगों से शुरू हुई जलसेवा की कड़ी धीरे-धीरे लंबी होती चली गई। रेलवे के कर्मचारी एसपी चावला, स्टेशन अधीक्षक रहे ओमशिव अवस्थी भी जुड़े और लंबी चेन बन गई। उसी समय वरिष्ठ नागरिक जल सेवा समिति भी बनी।
समिति के 20 से 22 पदाधिकारियों की टोली एक मई से 31 जून तक भीषण गर्मी में जलसेवा करती है। इनका प्रमुख फोकस ट्रेनों के जनरल कोच होते हैं। समिति के सचिव चंद्रेश बाबू सक्सेना बताते हैं कि जलसेवा शिविर का समापन मालगोदाम रोड स्थित मंदिर में हवन-पूजन से होता है। इससे उन्हें अगले वर्ष कार्य करने की शक्ति मिलती है। उनकी टीम में सुखन्न लाल, राजाराम, रमेश चंद्र दीक्षित, गोविंद राम आदि शामिल हैं।
जलसेवा कर मन को शांति मिलती है। जनरल कोच के यात्रियों को आसानी से पानी उपलब्ध हो जाता है तो यात्री पेंशनर को दुआएं देकर जाते हैं। इसमें कोई स्वार्थ नहीं छिपा है, बल्कि सेवाभाव से काम किया जाता है।
- एसपी चावला, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक जलसेवा समिति