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Shahjahanpur News: शासन के आदेश हवा-हवाई...नहीं सुधर सके कांवड़ यात्रा के निर्धारित मार्ग

Sat, 20 Jul 2024 06:43 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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शाहजहांपुर। सावन में कांवड़ यात्राओं का दौर शुरू होने से पहले इन यात्राओं के निर्धारित मार्ग सुधारे जाने के आदेश जिले में हवा-हवाई साबित हुए। मुख्यमंत्री ने 15 जुलाई तक कांवड़ यात्रा रूट के सभी रास्ते सुधारे जाने के निर्देश दिए, लेकिन जिले में ऐसे सभी मार्ग गड्ढों से छलनी पड़े हुए हैं। चूंकि, सोमवार से सावन शुरू हो रहा है। ऐसे में कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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खास बात यह है कि इस दिशा में प्रशासन ने भी सिर्फ औपचारिकता ही की है। बारिश में बजरी-कोलतार उखड़ने से छलनी हुईं सड़कों की मरम्मत के लिए डीएम उमेश प्रताप सिंह ने हाल ही में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे, लेकिन सभी रास्ते जस के तस पड़े हैं। प्रशासन की ढिलाई से संबंधित विभागों के अधिकारी भी सड़कें सुधारने में लापरवाह बने हुए हैं। ऐसे में ढाई घाट और फर्रुखाबाद से गंगा जल लाने वाले कांवड़ यात्रियों को बदहाल मार्गों पर ठोकरें खाते और गड्ढे लांघते हुए गुजरना पड़ेगा।


कई जगह उखड़ चुका लिपुलेख-भिंड हाईवे
जलालाबाद। कांवड़ियों के लिए याकूबपुर तिराहे से लेकर बरेली मोड़ तक का सफर मुश्किल भरा होगा। कई जगह लिपुलेख-भिंड हाईवे उखड़ जाने से वहां गड्ढे हो गए हैं। निर्माणाधीन होने के कारण इसकी लंबे समय से मरम्मत भी नहीं हुई है। मिर्जापुर के ढाईघाट और फर्रुखाबाद के पांचाल घाट दोनों जगहों से जल भरकर गोला जाने वाले कांवड़ यात्री इसी हाईवे से गुजरते हैं। इस कारण याकूबपुर तिराहे से बरेली मोड़ तक करीब 35 किमी दूरी के बीच कांवड़ियों की मौजूदगी ज्यादा रहती है। हाईवे पर कलक्टरगंज के पास गंगा एक्सप्रेस-वे का इंटरचेंज रास्ता और उबरिया गांव के पास फ्लाईओवर निर्माणाधीन होने से वहां रास्ता संकुचित हो गया है। इस हिस्से में सड़क समतल भी नहीं कराई गई है।
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कांट से लेकर जलालाबाद तक गड्ढों की भरमार
कांट। शाहजहांपुर से जलालाबाद मार्ग पर हाईवे को फोरलेन की मंजूरी मिलने के बाद कार्य बहुत धीमी गति से हो रहा है। बारिश में जगह-जगह बजरी-कोलतार उखड़ जाने से हाईवे पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि जरा-सी असावधानी हादसे का कारण बन सकती है। इसी मार्ग से तमाम कांवड़ यात्राएं निकलनी हैं। हाल में हुई भारी बारिश में जगह-जगह सड़क उखड़ गई है। पिपरौला में कृभको फर्टिलाइजर्स के आसपास सड़क ठीक है, लेकिन वहां से कांट या फिर विपरीत दिशा में जलालाबाद की ओर बढ़ते ही कई जगह हाईवे की ऊपरी परत छलनी हो जाने से आए दिन बाइक चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। संवाद

गड्ढों से परेशान होंगे लिलहर जाने वाले कांवड़िये

निगोही। यहां के ज्यादातर लोग सावन माह में गंगा जल की कांवड़ लेकर बिलसंडा क्षेत्र में गांव लिलहर स्थित शिवालय में अर्पित करने जाते हैं, लेकिन उन्हें यहां से गंगा घाटों तक आने-जाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। शाहजहांपुर मार्ग और बिलसंडा मार्ग पर सावन माह में कांवड़ियों का आवागमन बहुत होता है, लेकिन क्षेत्र में हुई भारी वर्षा से यह दोनों रास्ते गड्ढायुक्त हो गए हैं। हमजापुर चौराहा से लेकर थाना गेट के आगे तक कई जगह सड़क की पटरी गायब हो गई है। जहां मार्ग सही सलामत है, वहां आधे रोड पर बरसात का पानी भरा रहता है। सावन में बारिश होने पर पानी से भरे गड्ढों में कांवड़ यात्रियों के गिरने का अंदेशा है। बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग की भी मरम्मत नहीं कराई गई, जबकि इसी मार्ग पर लिलहर का प्रसिद्ध शिव मंदिर है। हालांकि, एनएचएआई के सहायक अभियंता अश्विनी कुमार का कहना है कि हाईवे की मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है और इसके लिए प्रभावित स्थानों पर गिट्टी डालकर हाईवे के गड्ढे सावन शुरू होने से पहले पाट कर मार्ग समतल कराया जाएगा।


कांवड़ यात्रा के जिले में उन सभी निर्धारित मार्गों को दिखवा लिया गया है, जहां से कांवड़ियों का निकलना होता है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित कर सड़कों की मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है। एक-दो दिन के अंदर सभी मार्गों के गड्ढों का भराव कराकर सड़कें समतल करा दी जाएंगी।
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-संजय पांडेय, एडीएम प्रशासन

कांवड़ रूट की निर्धारित सड़कों की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। 22 जुलाई से पहले सभी संबंधित सड़कों की हालत ठीक करा दी जाएगी।
-रथिन सिन्हा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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