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आज से शुरू होगा गणेशोत्सव.. घरों व पंडालों में विराजेंगे गजानन

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शाहजहांपुर में श्रीगणेश उत्सव की तैयारी को लेकर गणेश प्रतिमा को सजाते लोग । संवा - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। सभी विघ्नों को हरने वाले गणपति बुधवार को घरों व पंडालों में विराजेंगे। गणेश महोत्सव की तैयारियां पूरी हो गईं हैं। शहर में छह जगह बड़ी प्रतिमाएं विराजमान होंगी। इसके लिए पंडाल सजाए गए हैं। घरों में भी गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
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खिरनीबाग स्थित लाला रामचरन दास धर्मशाला में पंडाल सजाया गया है। इसके साथ ही उदासीन बाबा की मठिया हुसैनपुरा, सीता की मठिया, क्षत्रिय धर्मशाला चौक, उदासीन अखाड़ा घूरन तलैया, बेरी चौकी के पास मोहल्ला बाबूजई तथा थाना रामचंद्र मिशन के रौसर कोठी में 31 अगस्त को गणपति की प्रतिमाएं स्थापित होंगी। यहां पर मंगलवार को तैयारियां होती रहीं।
स्थापना से पहले शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें आयोजन समिति के सदस्य व श्रद्धालु शामिल होंगे। नौ दिन चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक और शाम छह से रात 11 बजे तक श्रद्धालु दर्शन व पूजन कर सकेंगे। प्रतिदिन सुबह साढ़े आठ बजे और शाम को भी इसी समय आरती होगी। आठ सितंबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी और गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। वहीं, लोग घरों में भगवान गणेश की स्थापना के लिए तैयारी कर लिए हैं। कई श्रद्धालु मंगलवार को बाजार से गणेश प्रतिमाएं खरीदकर अपने घरों में स्थापना करने के लिए गए।
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गणेश चतुर्थी व्रत पूजन विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नानादि के बाद तांबे या फिर मिट्टी की गणेश जी की प्रतिमा लें। फिर एक कलश में जल भरें और उसके मुख को नए वस्त्र से बांध दें। फिर इस पर गणेश जी की स्थापना करें। गणेश भगवान को सिंदूर, दूर्वा, घी और 21 मोदक चढ़ाएं और उनकी विधि-विधान पूजा करें। गणेश जी की आरती उतारें और प्रसाद सभी में बांटेें। दस दिन तक चलने वाले इस त्योहार में गणेशजी की मूर्ति को एक, तीन, सात और नौ दिनों के लिए घर पर रख सकते हैं। ध्यान रहे कि गणेशजी की पूजा में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। गणेश पूजन में गणेश जी की परिक्रमा करने का विधान है।
गणेश चतुर्थी पर शुभ मुहूर्त
- पंडित केके शुक्ला ने बताया कि विघ्नों के हरने वाले देवता प्रथम पूज्य पार्वतीपुत्र, शिवपुत्र, गजानन श्री गणेश की आराधना जो भक्त करता है, उसको आने वाले विघ्नों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से भाद्रपद चतुर्दशी तक (दस दिन) अर्थात गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणेशजी की विशेष पूजा-आराधना की जाती है।
अर्जुन सूर्यवंशी ने कहते है कि गणेशोत्सव मनाए जाने का उत्साह उनके परिवार में देखा जा सकता है। परिवार का प्रत्येक सदस्य गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारी में जुटा हुआ है। मंगलवार को भी तैयारियां चली।
नंदा देवी ने का कहना है कि भगवान गणेश की कृपा से ही घर में सुख-शांति व समृद्धि का बनी रहती है। उनके घर में भी गणेशजी की स्थापना होगी। इसके लिए वह बाजार से भगवान की प्रतिमा खरीदकर ले आईं हैं।
मीना ने बताया कि वह हर साल अपने घर गणेशजी की प्रतिमा लेकर आती हैं। इस बार भी गणेश स्थापना करेंगे। गणेशोत्सव के 10 दिनों तक रोजाना भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। भजन-कीर्तन होते हैं।
भगवान गणेश की कृपा हमारे परिवार पर बनी रहे, इसी कामना के साथ गणेेशोत्सव मनाएंगे। इसके लिए तैयारी कर ली है। भगवान की छोटी सी प्रतिमा को घर में स्थापित करेंगे। उनकी विधिवत पूजा अर्चना करेंगे।
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