बरतारा। थाना रोजा क्षेत्र के गांव सिमरई निवासी रामलखन की पत्नी सोमवती (40) पर शुक्रवार शाम चार बजे बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह भागीं तो छत से नीचे गली में आकर गिर गईं। उनके सिर और शरीर में कई जगह चोट लग गईं।राजकीय मेडिकल कॉलेज से रेफर होने के बाद लखनऊ ले जाते समय मोहाली के पास उन्होंने दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में सैकड़ों बंदर हैं। इस वजह से मकान की छतों पर जाना मुश्किल हो गया है। बंदर इससे पहले भी कई बच्चों और अन्य लोगों को काटकर घायल कर चुके हैं। ग्रामीण बंदरों से सुरक्षा के लिए छत पर डंडा लेकर बैठते हैं। बच्चों को अकेले तो बिल्कुल नहीं जाने देते। बंदर छत से कपड़े और अन्य सामान उठा ले जाते हैं। अनाज आदि का भी नुकसान करते हैं। इस वजह से ग्रामीण काफी परेशान हैं। शुक्रवार को घर का कामकाज खत्म करने के बाद सोमवती छत पर धूप में बैठकर खाना खा रही थीं। इस दौरान अचानक बंदरों के झुंड ने खाना झपटने के लिए उन पर हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए वह भागीं तो लड़खड़ाकर छत से नीचे गली में आकर गिर गईं। परिजन सोमवती को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिजन सोमवती को लखनऊ लेकर जा रह थे। महोली के पास सोमवती की मौत हो गई। इसके बाद परिजन उनका शव लेकर मेडिकल कॉलेज लौट आए। सूचना पर सोमवती के मायके वाले भी पहुंच गए। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया जिस पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया। सोमवती के दो बेटे और तीन बेटियां हैं। मां की मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फोटो- सोमवती का फाइल फोटो।