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जल्द ही उद्योगों को ट्रिपिंग फ्री बिजली आपूर्ति होगी

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विकास भवन सभागार में शुक्रवार शाम को हुई जिला उद्योग बंधु की बैठक
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में बिजली विभाग ने आश्वस्त किया कि जिले में औद्योगिक क्षेत्र में इस वर्ष हर हाल में

ट्रिपिंग फ्री बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करा दी जाएगी। इस दिशा में लगातार काम जारी है

और अब तक ट्रिपिंग वाली 70 फीसदी समस्या से उद्योगों को राहत पहुंचाई गई है। शेष

30 फीसदी काम पर पूरा फोकस है। अधिशासी अभियंता (विद्युत) अशोक सुन्दरम ने

बताया कि कुछ औद्योगिक क्षेत्र में ट्रिपिंग हो रही है और मार्च महीने तक उसे भी सही

करा दिया जायेगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी सीडीओ पीपी त्रिपाठी ने कहा कि उद्यमी बंधुओं

की समस्याओं का निराकरण संबंधित विभाग समय से करें। शासन द्वारा उद्योगों की

स्थापना एवं उन्हें सुविधायें देने हेतु विशेष बल दिया गया है। गत बैठक के कार्यवृत्ति की

पुष्टि करते हुए पाया गया कि माइग्रो इण्डस्ट्री के भुगतान को छोड़कर वारदाने व संबंधित

बिलों का भुगतान संबंधित विभागो द्वारा कर दिया गया है।  बरेली मोड़ से गरई नाले के

पानी की निकासी के विषय में लोक निर्माण विभाग द्वारा 1106.26 लाख रुपये का

आकलन तैयार कर उद्योग विभाग को दिया गया है।
बैठक में हथौड़ा चौराहा अहमदपुर रेती रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाने के संबंध में निर्णय

लिया गया कि नगर पालिका परिषद से वार्ता कर लगवाया जाए। संचालन उपायुक्त

(जिला उद्योग केंद्र) रमेश चंद्रा ने किया। बैठक में उद्यमी रामचंद्र सिंघल, अनिल कुमार

गुप्ता, हरिकिशोर गुप्ता, विश्वमित्र तलवार, अनुज गुप्ता आदि सहित संबंधित विभागों के

अधिकारी उपस्थित रहे।       
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उद्योगों को जमीन आवंटित कराने शासन से लेंगे गाइडलाइंस
शाहजहांपुर। जिला उद्योग बंधु की बैठक में शुक्रवार को उद्यमियों ने हरदोई रोड पर

लंबित पड़े आवास विकास परिषद के प्रस्तावित योजना वाली जमीन लघु और मध्यम

उद्यम लगाने वालों को मुहैया कराने का अनुरोध किया। उद्यमियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश

आवास विकास परिषद (लखनऊ) द्वारा वर्ष 1998 में शाहजहांपुर में आवास भूमि

विकास एवं गृह स्थान योजना संख्या चार हरदोई रोड पर प्रस्तावित की गई थी। कोई भी

किसान या भू-स्वामी अपनी भूमि परिषद को नहीं देना चाह रहे। वर्ष 1998 में 24.69

रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से चयनित भूभाग का क्रय होना था जबकि वर्तमान में

प्रस्तावित भूभाग का सर्किल रेट 42 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है। उद्यमी यदि कोई भूमि

लेकर कुछ बनाना चाहते है तो परिषद वाले मना कर देते है। इस पर मुख्य विकास

अधिकारी ने कहा कि जिलाधिकारी महोदया की तरफ  से शासन को वास्तविक स्थिति से

अवगत कराते हुए निर्देश प्राप्त किए जाएं।
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