शाहजहांपुर। नवम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने हमले के एक मुकदमे में पिता-पुत्र समेत चार दोषियों को छह-छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, कटरा थाना क्षेत्र के गांव मलकापुर निवासी रमेशचंद्र ने 28 जुलाई 2009 को प्रार्थना पत्र दिया था कि उसके गांव के एक किलोमीटर दूर सड़क पर सालिक का कारखाना है। चार अप्रैल 2009 को रामरतन, जागन धान कुटवाने साइकिल से गए थे। दोनों ने बाहर साइकिल खड़ी कर दी। चावल के मिल जाने के बाद रामरतन ने धोखे से जागन की साइकिल पकड़ ली। इस बात पर दोनों में काफी विवाद हो गया था। रात आठ बजे जागन और उसके परिवार के लोग आए और रामरतन को मारने लगे। मूलचंद्र ने अपने बेटे जागन, भतीजे मूलचंद्र और पप्पू के साथ रामरतन और रमेशचंद्र को लाठी-डंडे से काफी पीटा।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील संतोष कुमार त्रिवेदी के तर्कों को सुनने के बाद फूलचंद्र, जागन, मूलचंद्र और पप्पू को दोषी पाया गया। उन्हें छह-छह साल के कारावास की सजा सुनाई गई।