शाहजहांपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने हत्या के प्रयास और आगजनी के मामले में दो सगे भाइयों समेत चार दोषियों को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सात अक्तूबर 2002 को डुडवां फार्म के मैनेजर सतीश चंद्र ने बंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके फार्म के मालिक पं. विष्णुदत्त अग्निहोत्री की हत्या कुलविंदर सिंह उर्फ काला आदि ने मिलकर कर दी थी। इसी बात को लेकर उनकी रंजिश चल रही थी। सात अक्तूबर को गन्ने की फसल में धुआं उठते देखकर सतीश चंद्र अपने साथी के साथ मौके पर पहुंचे तो देखा कि कुलविंदर सिंह उर्फ काला, उसका सगा भाई बलजीत सिंह और देशा सिंह, उसका सगा भाई विक्कर सिंह वहां मौजूद थे।
गन्ना जलता देखकर उसने उन लोगों को ललकारा तो वे लोग तमंचे से फायरिंग करने लगे। फायरिंग में वे लोग बाल-बाल बचे। इस दौरान बलजीत सिंह को मौके पर ही पकड़ लिया गया। घटना में करीब 12 एकड़ फसल भी जल गई। बलजीत को पुलिस के हवाले कर दिया गया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील श्रीपाल वर्मा के तर्कों को सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कुलविंदर सिंह, बलजीत सिंह, विक्कर सिंह और देशा सिंह को दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई।