खुटार। मैलानी की आरा मशीन में 94 बोटा साल की लकड़ी बरामद होने के मामले में जांच के बाद वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में रेंजर पर भी गाज गिर सकती है। रेंजर फर्नीचर में प्रयुक्त लकड़ी के कागजात नहीं दिखा सके हैं।
गौरतलब है कि 14 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर उड़नदस्ता टीम ने मैलानी के द्वारिका प्रसाद गोयल की आरा मशीन पर छापा मारा। टीम ने खीरी के बफरजोन प्रभारी और जनपद लखीमपुर के मैलानी के रेंजर साजिद हसन, शाहजहांपुर के सिंधौली के रेंजर रमाकांत सक्सेना, जलालाबाद के रेंजर विकास प्रताप सिंह ने कई वन दरोगा और अन्य कर्मचारियों के साथ मैलानी में द्वारिका प्रसाद गोयल की आरा मशीन पर छापा मारकर साल की लकड़ी के 94 बोटे बरामद कर लिए थे।
द्वारिका प्रसाद गोयल ने बताया कि लकड़ी खुटार रेंज कार्यालय पर तैनात वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी की है। आरा मशीन स्वामी के बयान दर्ज कर मशीन को सीज कर दिया गया। अशोक चतुर्वेदी ने टीम को बताया कि लकड़ी उन्होंने नहीं भिजवाई है। आरा मशीन स्वामी गलतबयानी कर रहे हैं। आरा मशीन स्वामी पर केस काट दिया गया था। वन विभाग के एसडीओ दिलीप श्रीवास्तव ने मामले की जांच की थी। जांच रिपोर्ट अधिकारियों को भेजे जाने के बाद वन संरक्षक विजय सिंह ने वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया है।
रेंजर पर भी हो सकती है कार्रवाई, नहीं दे पाए लकड़ी के कागजात
खुटार। आरा मशीन पर छापा मारने के बाद रेंजर डीएस यादव की शिकायत भी की गई थी। एसडीओ ने 15 अगस्त को खुटार के रेंजर डीएस यादव के मैलानी स्थित आवास और कार्यालय पर जांच की थी। वहां दो अलमारी, मेज, स्टूल आदि मिले थे। एसडीओ ने लकड़ी के कागजात तलब किए तो रेंजर कागजात नहीं दिखा सके थे। उनको समय दिया गया था, लेकिन 18 अगस्त तक रेंजर अलमारी, मेज आदि की लकड़ी के कागजात नहीं दिखा सके। एसडीओ ने रेंजर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की रिपोर्ट डीएफओ को भेजी जाने की तैयारी है। अब वन दरोगा के निलंबन के बाद रेंजर पर भी कार्रवाई हो सकती है।
मैलानी में बरामद लकड़ी के मामले में वन संरक्षक ने वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया है। रेंजर फर्नीचर में प्रयुक्त लकड़ी के कागजात नहीं दिखा सके। रेंजर को नोटिस जारी किया गया है। - दिलीप श्रीवास्तव, एसडीओ वन विभाग शाहजहांपुर