मिर्जापुर में बाढ़ के पानी से गिरा मकान। संवाद
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शाहजहांपुर। उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के बांधों बैराजों से बीते दो दिन के दौरान पानी की भारी मात्रा में हुई निकासी के कारण जिले में गंगा और रामगंगा नदियों में बृहस्पतिवार को भी उफान बरकरार रहा। नरौरा बैराज से निकले पानी की मात्रा में मामूली कमी के बावजूद कलान के भैसार बांध पर गंगा का जलस्तर तीन सेमी बढ़कर 143.15 मीटर हो गया। जलालाबाद-शमशाबाद-एटा हाईवे, जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग आदि कई रास्तों पर पानी आ जाने से आवागमन बंद हो गया है। शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियों में तीसरे दिन भी उफान बना रहा।
मिर्जापुर से लेकर परौर क्षेत्र तक गंगा व रामगंगा तटवर्ती गांवों और खेत-खलिहानों में तबाही मचाने लगी हैं। इस्लामनगर गांव का दक्षिणी भाग जलमग्न हो गया है। गांव के शाहदिल मियां, शरीफ, कल्लू, गुलजार, मोमिन, अरमान व गुड्डू के घर बाढ़ से घिर गए हैं। गुड्डू ने बताया कि दो अक्तूबर को बेटे की शादी है, लेकिन घर बाढ़ के पानी से भरा हुआ है। घर के दरवाजे पर तेज बहाव से नाला बन गया, जिससे निकलना मुश्किल है। आजादनगर गांव कई दिन से चौतरफा बाढ़ से घिरा हुआ है। गांवों में पहुंचने वाले सभी कच्चे-पक्के रास्तों में पानी है।
लोगों का आवागमन जान जोखिम में डालकर हो रहा है। एसडीएम के निर्देश के बाद भी बाढ़ग्रस्त गांवों में किसी विभाग का कोई अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुंचा है। तीन दिन से लगातार गंगा के बढ़ रहे जलस्तर से आजाद नगर से बमुश्किल सौ डेढ़ सौ मीटर दूर फर्रुखाबाद जिले के ग्राम कमथरी और चितार के हालात सबसे अधिक खराब हैं।
इस्लाम नगर-कमथरी मार्ग पर बनी डिप पर बाढ़ का पानी आ जाने से आवागमन भी बंद हो गया है। रामगंगा का पानी बीघापुर, सिठौली, जरीनपुर, गंगानगर आदि गांवों की फसलें डुबोता हुआ आबादी की ओर बढ़ रहा है।