शाहजहांपुर। गर्रा और खन्नौत नदी का जलस्तर कम होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। कॉलोनियों व मोहल्लों से बाढ़ का पानी खत्म होने लगा है। इसी के साथ संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने रोगों की रोकथाम के लिए तैयारियों को शुरू कर दिया है। प्रभावित इलाकों में छिड़काव की कार्ययोजना तैयार करते हुए दवाओं का स्टाॅक दुरुस्त किया है।
नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद काफी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। लोगों के घरों में पानी घुस गया। जलभराव होने से राजकीय मेडिकल कॉलेज को बंद करना पड़ा। पानी कम होने के बाद लोग अपने घरों में लौटने लगे हैं।
बाढ़ का संकट खत्म होने के बाद संक्रामक रोगाें के फैलने का खतरा मंडराने लगा है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रभावित इलाकों में क्लोरिन का छिड़काव कराने के साथ ही ब्लीचिंग पाउडर भी डाला जाएगा। सीएमओ डॉ.आरके गौतम ने बताया कि संक्रामक बीमारियों को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। सूचना आने पर तुरंत ही स्टाफ को भेजा जाएगा।
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रिस्पांस टीम का गठन
रोगों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रिस्पांस टीम का गठन किया है। टीम में डॉक्टर व अन्य स्टाफ को नियुक्त किया गया है। किसी गांव या मोहल्ले से रोग फैलने की सूचना पर रिस्पांस टीम तुरंत पहुंचकर प्रारंभिक उपचार देगी। उसके बाद बैकअप टीम भेजकर मरीजों का उपचार कराया जाएगा।
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-1 लाख 20 हजार क्लोरिन की टेबलेट मुख्यालय पर उपलब्ध।
-20 किलो ब्लीचिंग पाउडर भी विभाग के पास।
-213 एंटी स्नेक वेनम भी स्टाॅक में।
-3510 एआरवी इंजेक्शन भी उपलब्ध।
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मुख्यालय के साथ सीएचसी-पीएचसी पर अलग से दवा उपलब्ध कराई गई है। संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। रिस्पांस टीम का गठन भी कर लिया गया है।
- डॉ. आरके गौतम, सीएमओ