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Shahjahanpur News: दो साल में हैंडओवर नहीं हुए पांच ओवरहेड टैंक, शहर के 15 हजार परिवार प्रभावित

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शाहजहांपुर में नवनिर्मित ओवरहेड टैंक।
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शाहजहांपुर। नगर निगम की ओर से शहर में जलापूर्ति के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च कर छह ओवरहेड टैंक बनाए गए थे। इनमें से अभी सिर्फ एक ही नगर निगम के हैंडओवर किया जा सका है। टेस्टिंग में लीकेज मिलने के कारण पांच ओवरहेड टैंक हैंडओवर नहीं किए गए हैं। कई जगहों पर पुरानी पाइप लाइन से भी पानी नहीं मिल रहा है। इससे करीब 15 हजार परिवार प्रभावित हैं।
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अमृत योजना के पहले चरण में शहर के गढ़ी गाड़ीपुरा और फत्तेपुर रेती में ओवरहेड टैंक बनवाया गया था। इसके बाद दूसरे चरण में चार ओवरहेड टैंक बनवाए गए। ये अंटा चौराहा, गर्रा, आवास विकास कॉलोनी, श्यामतगंज गौटिया व किला में हैं। इनके निर्माण में करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
नवनिर्मित ओवरहेड टैंकों से 18 हजार कनेक्शन देने का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। अब नए कनेक्शन दिए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करवाया जा रहा है। वहीं जलालनगर, सुभाषनगर कॉलोनी समेत कई मोहल्ले ऐसे हैं, जहां पर नई तो दूर, पुरानी पाइप लाइन से भी पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में करीब 15 हजार परिवारों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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समयावधि बीतने के बाद भी अब तक शुरू नहीं हुई जलापूर्ति



अमृत योजना के तहत हर घर जल मुहैया कराने की मुहिम के तहत शहर में ओवरहेड टैंक बनवाए गए हैं। इसके साथ ही पाइप लाइन बिछा दी गई, कुछ घरों में कनेक्शन भी कराए गए, लेकिन तय समयावधि बीतने के बाद भी अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। कई बार ओवरहेड टैंकों की टेस्टिंग हो चुकी है, जिसमें कई जगह पर लीकेज होने की समस्या सामने आई थी। इसकी वजह से इन्हें नगर निगम के हैंडओवर नहीं किया गया है। दिसंबर 2021 में ओवरहेड टैंकों का निर्माण कार्य पूरा कराकर उपभोक्ताओं को पेयजल की आपूर्ति देनी थी।


सीवर लाइन डालने का काम भी है जारी



शहर में पड़ी पुरानी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होती रहती है। करीब दो साल से शहर की सड़कों को खोदकर सीवर लाइन डालने का काम भी किया जा रहा है। खोदाई होने पर जलापूर्ति की लाइन और कनेक्शन टूट गए। इस कारण घरों तक जलापूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। इसको ध्यान में रखकर जल निगम ने जोनवार कार्य पूरा कर जलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू करने का निर्णय लिया था। वह भी नहीं हो पा रहा।


वाटर टैक्स जमा करने के लिए पहुंचाए जा रहे नोटिस

नगर निगम बनने के बाद वर्ष 2020 में 3,645 उपभोक्ताओं को पानी की सप्लाई मिलना शुरू हो गई थी, लेकिन इसके बाद से ओवरहेड टैंकों के निर्माण कार्य में लापरवाही बरतनी शुरू कर दी गई। बहुत से ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्हें पानी की सप्लाई भले ही न मिल रही हो लेकिन उनके पास वाटर टैक्स जमा करने के लिए नोटिस पहुंच जाते हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए लोगों को परेशान होना पड़ता है।




अमृत योजना के तहत बने छह ओवरहेड टैंक में से आवास विकास स्थित ओवरहेड टैंक को हैंडओवर किया जा चुका है, जबकि दो अन्य ओवरहेड टैंक से भी जलापूर्ति की जा रही है। हालांकि यह अभी हैंडओवर नहीं हुए हैं। हैंडओवर कराने के लिए जल निगम से बात चल रही है।
- सौरभ श्रीवास्तव, महाप्रबंधक जल, नगर निगम


नवनिर्मित ओवरहेड टैंकों की टेस्टिंग का काम चल रहा है। अधिक प्रेशर की वजह से कई जगह लीकेज मिल रही है, उसे ठीक कराया जा रहा है। जिनकी टेस्टिंग हो गई है, उनको जल्द ही नगर निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। - सुनील कुमार यादव, एक्सईएन, जल निगम
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