शाहजहांपुर। दशम अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने हत्या के एक मुकदमे में पिता-पुत्र समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जलालाबाद क्षेत्र के मोहल्ला कानूनगोयान की रहने वाली रूबी गुप्ता ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि छह जनवरी 2017 को सुबह दस बजे अंजू उर्फ अनुज गुप्ता, रम्पत गुप्ता और आशीष राठौर ने उसकी मां सरोजनी गुप्ता, भाई विकास और सचिन को बुरी तरह पीट दिया था। हमलावर जान से मारने की धमकी देकर चले गए थे। सात जनवरी को सचिन गुप्ता ने थाने में तहरीर दी कि छोटी सब्जी मंडी में वह अपनी दुकान पर बैठे थे। महेश राठौर, राहुल राठौर ने उन पर और उनके भाई विकास पर हमला कर दिया। उन लोगों ने चाकू और ईंट-पत्थर से हमला कर विकास की हत्या कर दी। वारदात के पीछे तहबाजारी वसूलने का विवाद था। एफआईआर दर्ज होने के बाद विवेचक ने आशीष राठौर, रंपत गुप्ता, अंजू उर्फ अनुज गुप्ता के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय भेजा। 17 फरवरी 2020 को न्यायालय में वादिनी रूबी की ओर से दिए प्रार्थना पत्र पर महेश राठौर, राहुल राठौर को तलब किया गया। आरोपियों में से एक नाबालिग है जिसका विचारण किशोर न्यायालय में किया जा रहा है। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील श्रीपाल वर्मा के तर्क सुनने के बाद अदालत ने महेश राठौर उसके बेटे आशीष राठौर के अलावा रंपत गुप्ता, अंजू उर्फ अनुज गुप्ता, राहुल राठौर को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।