सरकारी कार्यालयों में महत्वपूर्ण दस्तावेजों समेत अन्य संपत्तियों को आग से बचाने को अफसर लापरवाह बने हैं। कलक्ट्रेट और विकास भवन में विभिन्न विभागों के करीब दो दर्जन कार्यालय हैं। उनमें आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और जो हैं, वे बदहाली के शिकंजे में होने से उनकी केवल निशानियां बाकी बची हैं। कलक्ट्रेट कैंपस में कोषागार के पास आग बुझाने में काम आने वाली बालू की बाल्टियां खाली टंगी हैं, जबकि रिकार्ड रूम के सामने बालू की बाल्टियां ही नदारद हैं और उनका स्टैंड सूना पड़ा है। उधर, विकास भवन के तीनों तलों पर अग्निशमन यंत्र टांगने को दीवारों पर बनाई गई खूंटियां सूनी पड़ी हैं।