जलालाबाद। सावन के पहले सोमवार को कांवड़ियों की संख्या अपेक्षाकृत काफी कम रही। इसके चलते कांवड़ रास्ते पर रूट डायवर्जन की व्यवस्था कागजों तक ही सीमित दिखाई दी।सुबह शाहजहांपुर रोड पर रोज की तरह वाहन आते-जाते रहे।
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रशासन ने हर साल की तरह कांवड़ मार्ग पर सप्ताह में तीन दिन शुक्रवार रात से सोमवार रात तक रूट डायवर्ट रखने की व्यवस्था की थी। इसके तहत बरेली मोड़ से फर्रुखाबाद की तरफ जाने वाले बड़े वाहनों को बाया कटरा मदनापुर होते हुए जलालाबाद से फर्रुखाबाद जाने की व्यवस्था निर्धारित की गई थी। यही व्यवस्था उस तरफ से आने वाले वाहनों के लिए भी लागू थी। सोमवार को सावन का पहला दिन होने की वजह से रविवार रात से डायवर्जन की यह व्यवस्था लागू होनी थी। सोमवार को पहले दिन काफी कम कांवड़िए निकले। इस वजह से डायवर्जन संबंधी निर्देश पहले ही दिन हवाई साबित हुए। जलालाबाद से बरेली मोड़ तक कांवड़ रूट पर सुबह सरकारी बस, ट्रक व डंपर समेत सभी तरह के वाहनों की आवाजाही रही थी। रूट के मुख्य स्थानों याकूबपुर तिराहा व बारहपत्थर चौराहे के पास पुलिस की बेरिकेडिंग भी नहीं थी। इंस्पेक्टर हरिपाल बालियान ने बताया कि कांवड़ रूट पर सख्ती से रूट डायवर्जन को लागू कराया जाएगा।
तीन सेक्टर में बांटा गया कांवड़ रूट
कांट। कांवड़ यात्रा को सुचारू रूप से संचालित कराने के लिए थाना कांट तीन सेक्टर में बांटकर दो पाली में तीन उप निरीक्षक व 24 कांस्टेबल की तैनाती की गई है। क्षेत्र में तीन सेक्टर बनाए गए हैं। इसमें तीन उप निरीक्षक की निगरानी रहेगी। कांट जलालाबाद बॉर्डर, जमुनिया से जसनपुर तक नहर कोठी, कुर्रिया तिराहा, कमलनैनपुर मोड़, कृभको फैक्ट्री, पेपर मिल, ददरौल मोड़ व पेट्रोल पंप पर पिकेट ड्यूटी लगाई गई। संवाद