शाहजहांपुर। समूह के माध्यम से शौचालयों की सफाई के लिए लगाई गईं महिला सफाईकर्मियों को समय से मानदेय नहीं मिल पा रहा है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि समूह अध्यक्ष के खाते में जून माह तक के मानदेय की धनराशि भेज दी गई है। महिला सफाईकर्मियों ने महापौर तथा नगर आयुक्त से मिलकर मानदेय सीधे उनके खाते में डलवाने की मांग की है।
नगर निगम की ओर संचालित चार समूहों (दर्पण, तर्पण, अर्पण और समर्पण समूह) के माध्यम से महिला सफाईकर्मियों को शौचालयों की सफाई के लिए लगाया गया है। प्रत्येक समूह के पास नौ शौचालयों की सफाई की जिम्मेदारी है।
इनमें महिला सफाईकर्मी दो शिफ्टों में सफाई कार्य करती हैं। बृहस्पतिवार को कुछ महिला सफाईकर्मी नगर निगम कार्यालय पहुंचकर महापौर अर्चना वर्मा मिलीं। सभी ने बताया कि उनका कई महीनों का मानदेय नहीं मिला है। शौचालयों में सफाई कार्य करने के एवज में उन लोगों को हर महीने आठ हजार रुपये मानदेय देने की बात कही गई थी।
मांग की गई कि प्रत्येक माह का मानदेय सीधे उनके खातों में भिजवाया जाए। इस पर महापौर अर्चना वर्मा ने सभी महिला सफाईकर्मियों को समस्या के निस्तारण का आश्वासन देकर नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा के पास भेज दिया। ज्ञापन देने वालों में बबली, संगीता, तारादेवी, पार्वती, ऊषा, सोनी, सीमा, सिंदूरी शामिल रहीं।
नगर निगम के चारों समूह अध्यक्ष के खातों में जून माह तक के मानदेय की धनराशि भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद महिला सफाईकर्मियों को मानदेय नहीं मिल पाना गंभीर है, इसकी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा, नगर आयुक्त।
महिला सफाईकर्मियों ने मानदेय न मिलने की समस्या से अवगत कराया है। उनकी समस्या का जल्द ही समाधान करवाया जाएगा। किसी को भी नौकरी से न निकाला जाए, इसका भी ख्याल रखेंगे। - अर्चना वर्मा, महापौर, नगर निगम शाहजहांपुर।