बंडा। छात्राओं को जबरन ले जाने का विरोध करने पर महिला प्रधानाध्यापक को गांव के ही तीन लोगों पर स्कूल में घुसकर उन्हें पीटने का आरोप लगा है। तहरीर में सरकारी रजिस्टर फाड़ने और राष्ट्रध्वज का अपमान करने की भी बात है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इधर, दूसरे पक्ष के लोगों ने भी प्रधानाध्यापक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है।
क्षेत्र के एक गांव के सरकारी स्कूल में तैनात प्रधानाध्यापिका ने बताया कि मंगलवार को दोपहर तौसीफ स्कूल आकर अपनी भतीजी के साथ तीन अन्य बच्चियों को जबरन साथ ले जाने की बात कहने लगा। अन्य छात्राओं को उनके घरवालों के साथ भेजने की बात कहने पर वह नाराज हो गया। इसी खुन्नस में बुधवार सुबह राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान आशिक अली व रूपराम के साथ तौसीफ लाठी-डंडे लेकर आ गया और गालियां देने लगा।
विरोध करने पर आरोपी हमलावर हो उठे और उन्हें पीटना शुरू कर दिया। यही नहीं, कार्यालय में घुसकर रजिस्टर फाड़ दिया और राष्ट्रध्वज फाड़कर उसका अपमान किया।
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ग्रामीण बोले- प्रधानाध्यापक का आचरण नहीं है ठीक
दूसरे पक्ष के आशिक अली गांव के कई लोगों को साथ थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर देकर प्रधानाध्यापिका का आचरण ठीक न होने की बात कही। बताया कि गलत आचरण को लेकर छात्र-छात्राओं के साथ तमाम अभिभावक पहले भी विरोध कर चुके हैं। इस पर प्रधानाध्यापिका गांव वालों को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा देने की धमकी दे चुकी हैं। बुधवार को छात्र-छात्राओं व अभिभावकों के विरोध करने पर प्रधानाध्यापिका ने गालियां देते हुए सबके सामने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया। थाना प्रभारी सोनी शुक्ला के अनुसार प्रधानाध्यापिका की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और दूसरे पक्ष की तहरीर पर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।