इंतजार खां का भरा-पूरा परिवार है। पत्नी सीमा व तीन बेटों का भरण पोषण वर्कशॉप से करते थे। रोजाना वह बाइक से घर आते-जाते थे। रमजान में उनका बेटा जरनैन सभी रोजे रख रहा था। वह रोजाना इफ्तार से पहले घर आ जाते थे, जबकि इंतजार और जुल्फिकार बाद में घर आते थे। फिर तीनों एक साथ तरावीह पढ़ने जाते थे।
शाम सात बजे हुआ हादसा
सोमवार को जरनैन अकेले घर नहीं आया। उसने पिता के साथ चलने की बात कहते हुए वर्कशॉप में रोजा इफ्तार किया। शाम करीब सात बजे तीनों बाइक से चल दिए। वर्कशॉप से चलने के कुछ दूरी पर किसी वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में तीनों घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। इधर, हादसे की सूचना पर मोहल्ले के लोग अस्पताल पहुंचे और शवों को देखकर पहचान की।
शहर का मामला होने के चलते लोगों की भीड़ अस्पताल में बढ़ने लगी। चौक कोतवाली इंस्पेक्टर केबी सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद सदर थाना प्रभारी अमित पांडेय को भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा गया। पति और दो बेटों की मौत से सीमा का रो-रोकर बुरा हाल था। वह रोते हुए कई बार बेहोश हो गई। हर बार यहीं कहती थी कि या अल्लाह इबादत में कहां कमी रह गई।
भाई को बनाना चाहते थे डॉक्टर
जुल्फिकार और जरनैन खुद वर्कशॉप में काम करते थे, लेकिन वह छोटे भाई लारेब को डॉक्टर बनाना चाहते थे। लारेब इन दिनों लखनऊ में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है।