शाहजहांपुर। फास्ट फूड के प्रति दिलचस्पी युवाओं को जवानी में ही बुढ़ापे वाले रोग दे रही है। पौष्टिक आहार न लेने से शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है। इसके चलते हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। जोड़ों में दर्द के चलते चलना दूभर हो जाता है। इसके अलावा खाने के दौरान एकाग्रता न होने से शरीर को पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में नहीं मिल पा रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. सरोज कुमार के मुताबिक, नौजवान हड्डी से जुड़े रोगों की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। अक्सर ऐसे मरीज आ रहे हैं जिनके खानपान की आदत में फास्ट फूड शामिल है और वे पौष्टिक आहार से दूर रहते हैं। सलाद, फल आदि का सेवन न करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं।
इससे हड्डियों में कैल्शियम, फास्फोरस की कमी के चलते ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी हो जाती है। इसमें पहले हड्डिया घिसने से जोड़ों में दर्द होता है, फिर साइनेवियल फ्लूड (जोड़ों के बीच स्थित तरल) कम होने लगता है। इससे पीड़ित लोग चलने में अक्षम हो जाते हैं। युवा वर्ग विशेष कर इससे प्रभावित हो रहा है। चलने में अक्षमता के चलते वृद्ध महसूस करने लगते हैं। खाते समय कंप्यूटर या मोबाइल पर ध्यान होने से भी भोजन सही तरह से पच नहीं पाता और पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पाते हैं।
शरीर में कैल्शियम की कमी के लक्षण
-शरीर में ऐंठन होना।
-शरीर थका हुआ महसूस होना।
-जोड़ों में दर्द रहना
-मांशपेशियों में अकड़न।
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कैल्शियम हड्डियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। फास्ट फूड के सेवन के चलते लोग पौष्टिक आहार से दूरी बनाते जा रहे हैं। ऐसे में शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है, जो अस्थि रोगों का कारण बनती है। जोड़ों में बेतहाशा दर्द होता है। चलना तक दूभर खो जाता है। ऐसे में खाने में पौष्टिक आहार लेना चाहिए। फल, दूध, सलाद इत्यादि का सेवन करें। - डॉ. सरोज कुमार, अस्थि रोग विशेषज्ञ, राजकीय मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर।