शाहजहांपुर। समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिलने पर किसान गेहूं की बिक्री निजी केंद्रों पर करने की मांग को लेकर सोमवार को रोजा मंडी समिति में धरने पर बैठ गए। सिटी मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर डीएम उमेश प्रताप सिंह से बात की, जिसके बाद तय हुआ कि किसान गेहूं की फसल निजी केंद्रों पर भी बेच सकेंगे।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह के नेतृत्व में सुबह करीब 10 बजे रोजा मंडी पहुंच गए और मंडी सचिव प्रवीण कुमार अवस्थी के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना था कि निजी केंद्रों पर उनको सरकारी समर्थन मूल्य से अधिक भाव मिल रहे हैं। इसलिए उनको निजी केंद्रों पर फसल बेचने की अनुमति दी जाए। इस बीच कार्यालय के बाहर मंडी में मौजूद मजदूरों और आढ़तियों की भी भीड़ लग गई। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश मोहन पांडेय किसानों को समझाने पहुंचे, लेकिन किसानों ने उनकी बात नहीं सुनी। सिटी मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे मंडी समिति पहुंचे। उन्होंने इस इस मुद्दे पर डीएम से बात की। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि किसान अपनी फसल निजी या सरकारी किसी भी केंद्र पर बेच सकते हैं, तब जाकर किसान शांत हुए।