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Shahjahanpur News: किसानों ने आढ़तों पर बेचा धान फिर भी सरकारी खरीद लक्ष्य के पार

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शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में शासन ने जनपद को 3.70 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य दिया था। एक अक्तूूबर से समर्थन मूल्य पर शुरू हुई धान खरीद दिवाली तक बेहद धीमी रही। इसके बाद भी मंडियों में आवक की तुलना में खरीद ज्यादा होने को लेकर सवाल खड़े हुए। इसके बावजूद जनपद में शासन से निर्धारित लक्ष्य से करीब 60 टन ज्यादा धान खरीदा गया है। धान खरीद से जुड़े अधिकारियों के अनुसार 31 जनवरी तक सभी मंडियों में क्रय केंद्र खुले रहेंगे ताकि किसान शेष धान की तौल करा सकें।
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शासन ने इस बार सामान्य श्रेणी के धान का समर्थन मूल्य 2040 रुपये और ए ग्रेड धान का 2060 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया था। अक्तूबर के पहले सप्ताह में भारी वर्षा हुई तो खेतों में धान भीग जाने से करीब दो सप्ताह तक सरकारी खरीद में ठहराव बना रहा। दिवाली नजदीक आने पर भी धान में नमी मानक से ज्यादा बनी रही। केंद्र प्रभारियों ने गीला धान लेने से इन्कार किया तो किसानों को घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए मजबूरी में अपना धान गल्ला आढ़तों पर 1600 से 1700 रुपये क्विंटल के भाव पर बेचना पड़ा।
आढ़तियों और राइस मिल मालिकों ने किसानों की विवशता का जमकर फायदा उठाया और वे बिचौलिए की भूमिका में आ गए। उन्होंने केंद्र प्रभारियों से साठगांठ करके किसानों से खरीदे गए धान की रात में सेंटरों पर आवक दिखाकर बीच के मुनाफे का हिस्सा-बांट करना शुरू कर दिया। पहले तिलहर और बाद में पुवायां मंडी में आवक से कई गुना अधिक धान की सरकारी खरीद का मामला चर्चा में आया। इतना सब कुछ होने के समर्थन मूल्य पर तीन लाख 70 हजार 60 टन धान खरीद हो गई जो कि लक्ष्य से अधिक है। दो माह पहले तक सरकारी खरीद लक्ष्य के सापेक्ष करीब 60 फीसदी ही हो सकी थी।
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क्रय एजेंसी वार सेंटरों पर खरीद लक्ष्य और सरकारी खरीद (टन में)
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क्रय एजेंसी क्रय केंद्र खरीद लक्ष्य अब तक हुई खरीद
आरएफसी (विपणन शाखा) 26 87000 77763.70
पीसीएफ 44 85000 88827.31
यूपीएसएस 61 84000 97460.59
पीसीयू 54 100000 93706.59
भारतीय खाद्य निगम 07 14000 12302.68
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योग 192 370000 370060.87
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वर्जन-
यदि किसी किसान के पास धान शेष बचा हो तो वह क्षेत्रीय मंडी के क्रय केंद्र पर उसकी तौल करा सकता है। किसानों को खरीदे गए धान का भुगतान 72 घंटे के अंदर उनके खाते में भेजने की व्यवस्था की गई है। अभी तक खरीदे गए धान का 94.32 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। कुछ किसानों के खातों में त्रुटियां होने के कारण भुगतान में विलंब हुआ है। इन किसानों को हर हाल में 15 फरवरी तक भुगतान मिल जाएगा। - अरुण कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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