शाहजहांपुर। पहले बारिश और इसके बाद बाढ़ आने से किसानों की फसल नष्ट हो गईं हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 31 जुलाई तक खरीफ की फसल का बीमा कराए जाने की अंतिम तिथि है। अगर इस अवधि के बीच किसान बीमा करा लें तो उनको फसल के नुकसान का लाभ मिल सकता है।
जिले में वर्तमान में पांच लाख 22 हजार किसान हैं। इनमें केसीसी धारक किसान एक लाख 22 हजार हैं। पहले केसीसी धारक किसानों का बीमा अनिवार्य होता था। अब किसानों की सहमति से ही बैंक किसानों का बीमा कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को संबंधित बैंक में लिखकर देना पड़ता है कि उनकी फसल का बीमा कर दिया जाए और बीमित फसल का प्रीमियम उनके खाते से काट लिया जाए।
इसके अलावा अन्य किसानों का खाता जिस बैंक में हैं, वे फसल का बीमा कराने के लिए खतौनी की काॅपी और एक प्रार्थना पत्र में लिखकर दे सकते हैं कि उनकी फसल का बीमा कर दिया जाए। इससे किसानों की फसल का बीमा हो जाएगा। खरीफ की फसल में इस वर्ष 4,500 किसान फसल का बीमा करा चुके हैं। पिछले वर्ष जिले में 11, 600 से अधिक किसानों ने फसल का बीमा कराया था। इसमें 775 किसानों को सर्वे के बाद 76 लाख रुपये बीमा राशि के रूप में वितरित की गई थी।
-
प्राकृतिक आपदा आने पर किसानों का नुकसान होने पर बीमा फसल का लाभ मिल सकता है। खरीफ फसल धान, मक्का, मूंग, उर्द और तिल की फसल का बीमा 31 जुलाई तक करा लें। इस अवधि में जिन किसानों का बीमा हो जाएगा, उनको मुआवजा मिलेगा। 31 जुलाई के बाद फसल के नुकसान का सर्वे होगा।
- धीरेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक