रतन सिंह के अनुसार सोमवार को नायब तहसीलदार सृजित कुमार, खुटार के थाना प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कंपनी के कई गार्ड भी आ गए। इसके बाद जेसीबी मंगाकर मिट्टी खोदाई शुरू करा दी और सौर पैनल के पाइप लगाकर केबल डाल दी। रतन सिंह, उनके भाई गुरमुख सिंह, सुखविंदर सिंह, मां छिन्दर कौर, पत्नी बलविंदर कौर, पुत्र गुरदयाल सिंह मौके पर पहुंचे और जमीन पर कब्जे का विरोध किया। आरोप है कि पुलिस ने परिवारवालों को पीटना शुरू कर दिया। बाद में रतन सिंह के पुत्र कुलविंदर सिंह भी पहुंच गए।
पुलिस, प्रशासन और पावर प्लांट के गार्डों की कार्रवाई से आहत रतन सिंह और कुलविंदर सिंह ने अपने ऊपर डीजल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने पिता-पुत्र से माचिस छीन ली। बताया जाता है कि दोनों ने डीजल पी लिया था। इससे रतन सिंह और कुलविंदर सिंह की हालत बिगड़ गई। सूचना पर 108 एंबुलेंस से दोनों को बंडा सीएचसी पर भर्ती कराया गया। कुलविंदर को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मामला बिगड़ता देख नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी और सुरक्षा गार्ड मौके से खिसक गए। थाना प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने किसी को नहीं पीटा है। पुलिस नायब तहसीलदार के साथ सुरक्षा की दृष्टि से गई थी। इस संबंध में कंपनी का पक्ष जानने के लिए साइट इंचार्ज पी. राम को कई बार कॉल की लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
टाटा पॉवर प्लांट में जमीन का मामला है। नायब तहसीलदार और खुटार पुलिस मौके पर गई थी। इस दौरान किसान ने तेल छिड़क लिया। पुलिस ने मौके पर ही किसान को रोक लिया। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -पंकज पंत, सीओ पुवायां
रतन सिंह और कुलविंदर सिंह को सीएचसी लाया गया था। चोटों की बात सामने नहीं आई है। डीजल पीने और ऊपर डालने से हालत बिगड़ी है। कुलविंदर को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। रतन सिंह का सीएचसी पर ही इलाज चल रहा है। - डॉ. रिजवान, मेडिकल ऑफीसर सीएचसी बंडा मैं मौके पर जांच करने गया था। इसके बाद पूरे मामले की रिपोर्ट एसडीएम को दे दी। इस संबंध में एसडीएम ही जानकारी देंगे। -सृजित निगम, नायब तहसीलदार पुवायां